गुलाम नबी ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को भेंट किया सैनेटाइजर मोदी सरकार को जोड़-तोड़ की राजनीति से बचने की चेतावनी कोरोना से बचने के लिए ढूंढ निकाला ये नुस्खा
नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि बीजेपी विपक्ष और उसके नेताओं को तोड़ने के लिए छापेमारी और धमकाने की सियासत कर रही है। विपक्षी पार्टियों के सांसदों और विधायकों पर दबाव बनाकर उन्हें तोड़ने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि जोड-तोड़ की ये राजनीति लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है।
गुलाम नबी आजाद ने कहा कहा कि एमपी में तीसरी चैथी बार सरकार गिराने का प्रयास हुआ है। अब हम चुप नहीं बैठेंगे। मोदी सरकार को इसका मुंहतोड़ जवाब देंगे। आजाद ने अन्य दलों से इस लड़ाई में शामिल होने का की अपील भी की है। उन्होंने कहा कि अरुणाचल से शुरू हुआ यह खेल कई राज्यों से होते हुए एमपी पहुंचा है। छत्तीसगढ़ में आयकर की छापेमारी कर कांग्रेस के नेताओं को डराने की कोशिश की गई है।
इससे पहले गुलाम नबी आजाद ने संसद भवन परिसर में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश और विवेक तन्खा से हाथ नहीं मिलाया। मुलाकात के दौरान कांग्रेस नेता आजाद ने जयराम रमेश और विवेक तन्खा से हाथ मिलाने के बदले सैनेटाइजर भेंट किया। लेकिन उन्होंने ठीक उसी समय कांग्रेस नेता माजिद मेनन से हाथ मिलाया। ऐसा करते वक्त सभी सांसद आपस में मुस्कुराते हुए दिखते।