
संजय राउत ने फडणवीस सरकार पर किया कटाक्ष (Photo: IANS)
मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में बकरीद के मौके पर रिहायशी सोसायटियों में कुर्बानी को लेकर विवाद काफी गरमा गया है। इस संवेदनशील मुद्दे पर अब सियासत भी तेज हो गई है। शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने भाजपा (BJP) व सत्तारूढ़ महायुति के नेताओं पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने शिवसेना में विद्रोह के बाद महाराष्ट्र में महायुति सरकार के गठन के दौरान असम के कामाख्या देवी मंदिर में पशुओं की बलि देने का आरोप फिर लगाया।
महायुति के नेताओं द्वारा मुंबई के कई इलाकों में अवैध पशु वध का आरोप लगाए जाने के बाद संजय राउत ने मीडिया से बात करते हुए कहा, जो लोग 'कुर्बानी' की बातें कर रहे हैं, उनसे मैं पूछना चाहता हूं कि कामाख्या मंदिर में कितनी बलियां दी गईं? महाराष्ट्र मांसाहारियों की भूमि है, यह छत्रपति शिवाजी महाराज की धरती है। हम क्षत्रिय हैं, हम मराठा हैं। हम इस तरह की बलियां देना जारी रखेंगे और वास्तव में, हम अपने देश की खातिर सर्वोच्च बलिदान भी देते हैं। अगर आप बलिदान नहीं देंगे, तो देश और महाराष्ट्र कैसे बचेगा?
मुंबई में बकरीद के मौके पर जानवरों की कुर्बानी को लेकर कई इलाकों में विवाद और तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। इस वजह से पुलिस और प्रशासन अलर्ट पर हैं। इसी बीच, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) सांसद संजय राउत के बयान ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है।
मुंबई में पत्रकारों के सवाल पर राज्यसभा सांसद राउत ने कहा, “ये धर्म की राजनीति हो रही है, लोगों को बांटना चाहते है, आने वाले चुनावों में इस मामले पर बार-बार तनाव पैदा करेंगे, दो धर्मों में फूट डालने का काम कर रहे है... ये हमेशा का है, दंगा भी करा सकते है। जो लोग कुर्बानी का विरोध कर रहे हैं, कामाख्या देवी मंदिर में इन लोगों ने कितनी ‘कुर्बानी’ दी थी, 55 भैंसों को काटा गया था। उनकी कुर्बानी सही है, वो सब चलती है, लेकिन दूसरे की कुर्बानी नहीं सही लगती।“
राउत का यह बयान ऐसे समय आया है जब भाजपा नेता किरीट सोमैया समेत शिवसेना (शिंदे गुट) के कई नेताओं ने आवासीय क्षेत्रों में कथित अवैध पशु कटाई का आरोप लगाया है।
पूर्व सांसद सोमैया ने आरोप लगाया कि मुंबई के मानखुर्द, देवनार और गोवंडी जैसे इलाकों में बकरीद से पहले अवैध पशु कटाई की जा रही है। उन्होंने बीएमसी और मुंबई पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
सोमैया ने कहा कि कुर्बानी धार्मिक परंपरा का हिस्सा है और उसका सम्मान होना चाहिए, लेकिन यह केवल बीएमसी द्वारा निर्धारित स्थानों पर ही की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि रिहायशी इलाकों में खुलेआम कुर्बानी कर धार्मिक माहौल खराब करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।
बकरीद से पहले मुंबई के गोरेगांव स्थित एक हाउसिंग सोसायटी में कुर्बानी को लेकर दो समुदायों के बीच विवाद हो गया था। मामले के बढ़ने के बाद मुंबई पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सोसायटी परिसर में होने वाली बकरे की कुर्बानी की अनुमति रद्द कर दी गई है। साथ ही प्रशासन ने फैसला लिया है कि सोसायटी परिसर से पशुओं को हटाया जाएगा ताकि इलाके में कानून-व्यवस्था बनी रहे। घाटकोपर पश्चिम की सागर पार्क सोसायटी में भी ऐसा ही विवाद देखने को मिला।
दो दिन पहले मीरा रोड के पूनम क्लस्टर सोसायटी में भी कुर्बानी को लेकर बड़ा विवाद देखने को मिला था। सोसायटी परिसर में बकरों को लाने का कुछ निवासियों ने विरोध किया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच हाथापाई तक की नौबत आ गई।
स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब कुछ लोग विरोध प्रदर्शन के दौरान सूअर लेकर मौके पर पहुंच गए। इसके बाद पुलिस ने तत्काल मोर्चा संभाला और दोनों पक्षों को शांत कराया। फिलहाल पूरे इलाके में भारी पुलिस बंदोबस्त तैनात है।
गुरुवार को मुंबई में बकरीद का त्योहार मनाया जा रहा है। इसके लिए मुंबई पुलिस ने शहरभर में विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा के लिए 8 अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, 21 डीसीपी, 61 एसीपी, 1980 पुलिस अधिकारी और 10,110 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा एसआरपीएफ, दंगा नियंत्रण पथक, क्विक रिस्पॉन्स टीम, डेल्टा फोर्स, कॉम्बैट यूनिट और होमगार्ड्स भी संवेदनशील इलाकों में तैनात किए गए हैं। पुलिस विशेष रूप से भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए है।
Updated on:
28 May 2026 02:09 pm
Published on:
28 May 2026 02:06 pm
बड़ी खबरें
View Allमुंबई
महाराष्ट्र न्यूज़
ट्रेंडिंग
