अनुच्छेद 370 हटने पर भड़के पूर्व मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ये वो भारत नहीं जिसपर हमने भरोसा किया फारूक अब्दुल्ला नजरबंद नहीं, अपने मन से संसद नहीं आए- शाह
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद पहली बार राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah ) ने बयान दिया है। अब्दुल्ला ने कहा कि धारा 370 हटाना असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक है। हम इसके खिलाफ कोर्ट जाएंगे। फारूक अब्दुल्ला ने मोदी सरकार को अड़े हाथ लेते हुए कहा कि ये हमारी हत्या कराना चाहते हैं। मेरे लड़के को जेल में डाल दिया गया है।
गौरतलब है कि मंगलवार को लोकसभा में अनुच्छेद 370 पर जमकर बहस हुई। सत्ता पक्ष और विपक्ष एक दूसरे पर जमकर छींटाकशी की।
हम ग्रेनेडबाज नहीं- फारूक अब्दुल्ला
श्रीनगर में अपने आवास पर मीडिया से बातचीत करते हुए फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि आज नेताओं को जेल में डाला जा रहा है। आखिर मैं पूछता हूं कि उमर अब्दुल्ला को जेल में डालने की क्या जरूरत पड़ गई। हम कोई पत्थरबाज नहीं है और ना ही ग्रेनेड फेंकने वाले कि जब मन करे तब जेल में डाल दें। ये वो भारत नहीं जिस पर हमने भरोसा किया था।हम लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र को मानने वाले लोग हैं।
अपनी मर्जी से संसद नहीं आ रहे फारूक अब्दुल्ला
संसद नहीं जाने के सवाल पर फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि मेरे घर के दरवाजे बंद किए गए हैं। गृहमंत्री संसद में झूठ बोल रहे हैं । वहीं गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि फारूक अब्दुल्ला को नजरबंद नहीं किया गया है। वह अपनी मर्जी से संसद नहीं आ रहे हैं। वह इन दिनों मौज मस्ती में हैं। उनकी कनपट्टी पर बंदूक रखकर उन्हें संसद नहीं ला सकते हैं। दरअसल अमित शाह फारूक अब्दुल्ला पर उस वक्त टिप्पणी कर रहे थे जब एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि वह आज सदन में फारूक अब्दुल्ला मौजूद नहीं हैं। उनकी आवाज सुनी नहीं जा रही है।