टि्वटर पर अधिकांश ट्वीट को कार्टून के साथ दर्शाया गया है, जिसमें पेरियार को गो बैक मोदी कहते हुए दिखाया गया है।
नई दिल्ली। मन की बात कार्यक्रम के बाद पीएम नरेंद्र मोदी तमिलनाडु का दौरा करेंगे और मुदरै में एम्स अस्पताल की आधारशिला रखेंगे। लेकिन तमिलनाडु पहुंचने वे पहले ही टि्वटर पर उनके खिलाफ #GpBackModi ट्रेंड कर रहा है। जबकि पीएम मोदी लोकसभा चुनाव 2019 से पहले आज तमिलनाडु में चुनावी शंखनाद करने वाले हैं। इससे भाजपा की सोशल मीडिया पर जमकर किरकिरी हो रही है और उसे शर्मिंदगी का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि टि्वटर पर अधिकांश ट्वीट को कार्टून के साथ दर्शाया गया है, जिसमें पेरियार को गो बैक मोदी कहते हुए दिखाया गया है। कई कार्टून में पीएम मोदी को भगवा रंग के जैकेट में दिखाया गया है। फेसबुक पर भी यूजर गो बैक मोदी पर कई पोस्ट लिख रहे हैं।
तमिलनाडु की उपेक्षा विरोध की वजह
बताया जा रहा है कि तमिलनाडु के लोग पीएम के दौरे का विरोध की वजह चक्रवात के बाद लोगों की मदद करने में केंद्र सरकार की विफलता है। पिछले साल तमिलनाडु में साइक्लोन से कई जिलों में 3 लाख से ज्यादा लोग बेघर हो गए थे और 11 लाख पेड़ उजड़ गए थे। इससे बड़ी संख्या में लोगों को जीविकोपार्जन पर असर पड़ा है। सोशल मीडिया पर लोगों के गुस्से की दूसरी वजह तूतीकोरिन में स्टरलाइट प्रदर्शन के दौरान गोलीबारी पर भी पीएम मोदी चुप रहना भी है। जबकि स्टरलाइट विरोधी प्रदर्शन में पुलिस की गोलीबारी में करीब 13 लोगों की मौत हो गई थी। इतना ही नहीं कावेरी जल मामले पर केंद्र सरकार के रवैये की वजह से तमिनलाडु के लोगों में केंद्र सरकार के खिलाफ गुस्सा है, जिसका इजहार वह टि्वटर पर गो बैक मोदी ट्रेंड के रूप में हो रहा है।
एम्स की आधारशिला सिर्फ नौटंकी
डीएमके प्रवक्ता ए सर्वनन ने कहा है कि डीएमके का विरोध के पीछे कोई भूमिका नहीं है। यह केंद्र सरकार के खिलाफ लोगों के गुस्से को दर्शाता है। एम्स अस्पताल का निर्माण कार्य आज से दो साल पहले शुरू हो जाना चाहिए था। अब तक इसका काम पूरा होकर इसे फंक्शन में आ जाना चाहिए था। आखिर उन्होंने प्रोजेक्ट में देरी क्यों की? चुनाव से पहले इसकी नींव रखना सिर्फ एक नौटंकी है। वहीं मरुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एमडीएमके) पार्टी के हवाले से कहा जा रहा है कि उनके कार्यकर्ता मदुरै में पीएम मोदी के खिलाफ प्रदर्शन का नेतृत्व करेंगे।
चेन्नई दौरे का भी हुआ था विरोध
आपको बता दें कि यह दूसरी बार है जब प्रधानमंत्री इस तरह के ऑनलाइन विरोध का सामना कर रहे हैं। पिछले साल अप्रैल में जब उन्होंने डिफेंस एक्सपो के लिए चेन्नई का दौरा किया था तब भी #GoBackModi ट्रेंड में था। विपक्षी दलों से जुड़े सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने तब हवा में काले गुब्बारे उड़ाए थे।