
नई दिल्ली। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री व पंजाब से सांसद हरसिमरत कौर बादल ने पाकिस्तान सरकार पर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में योजनाबद्ध तरीके से अल्पसंख्यकों का सफाया किया जा रहा है। उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर से पाकिस्तान में व्यवस्थित तरीके से अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने के मामले को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) में उठाने की अपील की है।
अल्पसंख्यकों पर अत्याचार का सबूत
हरसिमरत कौर ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को लिखे पत्र में उन्होंने कहा है कि विभाजन के समय पाकिस्तान में हिंदुओं और सिखों की आबादी 2.5 लाख थी। आज के दिन में केवल 7,000 रह गई है। यह खुद ही अल्पसंख्यकों पर अत्याचार का सबूत है। उन्होंने कहा कि इस तरह के अमानवीय अत्याचार को रोकने के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की ओर से बहुपक्षीय प्रयास किए जाने की जरूरत है।
नस्ली सफाया
केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि मामले को अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में उठाने की जरूरत है। पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों का खात्मा नस्ली सफाया का मामला है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में हिंदू और सिख लड़कियों का अपहरण करना और उनका गायब हो जाना रोजाना होने वाली घटना बन गया है। इस तरह के प्रचलन को रोकने के लिए कुछ नहीं किया जा रहा है।
ग्रंथी की बेटी का अपहरण शर्मनाम
अकाली दल के सांसद हरसिमरत ने हाल ही में मीडिया ने गुरुद्वारा ननकाना साहिब के एक पुजारी की बेटी के अपहरण, इस्लाम में धर्मातरण और एक मुस्लिम से शादी की आश्चर्यजनक घटना की की सख्त आलोचना की है। उन्होंने कहा कि धर्म एक निजी मामला है। किसी की इच्छा के विरुद्ध उसपर अपने धर्म को थोपना एक शर्मनाक काम और मौलिक अधिकारों का हनन है।