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कोलकाता हाई कोर्ट से अभिषेक बनर्जी को झटका, विदेश जाने की तत्काल अनुमति नहीं

Trinamool Congress News: कोलकाता हाई कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी को बड़ा झटका दिया है।
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TMC Crisis

कलकत्ता हाई कोर्ट से अभिषेक को लगा झटका (Photo-IANS)

Abhishek Banerjee News: तृणमूल कांग्रेस से सांसद और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। अब कलकत्ता हाईकोर्ट से अभिषेक बनर्जी को बड़ा झटका लगा है। आंखों के इलाज के लिए उन्होंने विदेश जाने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और मामले की जल्द सुनवाई की अपील की थी। अब कोर्ट ने इस मांग को खारिज कर दिया। 

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अभिषेक बनर्जी की याचिका की सुनवाई सूची में निर्धारित क्रम के अनुसार ही होगी और इसे प्राथमिकता देकर तत्काल नहीं सुना जाएगा

क्या है पूरा मामला

बता दें कि अक्टूबर 2016 में मुर्शिदाबाद से कोलकाता लौटते समय टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी सड़क हादसे का शिकार हो गए। इसमें उनकी आंख के नीचे चोट लगी थी। हालांकि शुरुआत में उन्होंने देश के कई अस्पतालों में इलाज भी कराया और बाद में आंखों की सर्जरी और विशेष उपचार के लिए विदेश भी गए थे।

मुश्किलों में अभिषेक बनर्जी

बता दें कि बंगाल में विधानसभा चुनाव हारने के बाद टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी का नाम कई मामलों में चर्चाओं में रहा है। विधानसभा में हस्ताक्षर विवाद से लेकर चुनाव प्रचार के दौरान कथित भड़काऊ बयान देने तक कई मामलों में उनका नाम जुड़ा है। वर्तमान में वह राज्य की आपराधिक जांच एजेंसी की निगरानी में भी हैं। एक मामले में उन्हें कोलकाता हाई कोर्ट से राहत मिली हुई है, लेकिन उस राहत की शर्तों के तहत उनकी विदेश यात्रा पर रोक है। अदालत की अनुमति के बिना वह देश नहीं छोड़ सकते।

इसी कारण मंगलवार को अभिषेक बनर्जी ने आंखों के इलाज के लिए एक सप्ताह के लिए विदेश जाने की अनुमति मांगते हुए कोलकाता हाई कोर्ट में याचिका दायर की। उनके वकील ने मामले की तत्काल सुनवाई की मांग भी की, लेकिन कोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया।

संकट में टीएमसी

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव हारने के बाद ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी अपने सबसे बड़े संकट के दौर से गुजर रही है। पहले विधानसभा में विधायकों ने बगावत कर अलग गुट बना लिया। इस गुट में करीब 60 विधायक बताए जा रहे हैं। वहीं बाद में 20 सांसद पार्टी से अलग हो गए और NCPI में विलय कर लिया।