
छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने कहा है कि एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के माध्यम से किसी महिला की आपत्तिजनक तस्वीर बनाकर सोशल मीडिया (Social Media) पर प्रसारित करना गंभीर साइबर अपराध है। ऐसे मामलों में पीड़ित महिलाओं को तत्काल कानूनी कार्रवाई और एफआईआर दर्ज कराने का अधिकार है।
राज्य महिला आयोग कार्यालय रायपुर (Raipur) में 11 अगस्त को आयोजित प्रदेश स्तरीय द्वितीय जनसुनवाई में अध्यक्ष डॉ. ममता साहू एवं सदस्य दीपिका शोरी ने महिला उत्पीड़न से संबंधित 30 प्रकरणों को सुनवाई के लिए रखा, जिनमें 17 मामलों की सुनवाई की गई तथा 5 प्रकरण नस्तीबद्ध किए गए।
सुनवाई के दौरान एक मामले में महिला ने शिकायत की कि कुछ लोग एआई (AI) तकनीक का उपयोग कर उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित कर रहे हैं। आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसे साइबर अपराध से संबंधित माना और संबंधित पक्षों को अपना पक्ष प्रस्तुत करने का अवसर देते हुए प्रकरण को अगली सुनवाई के लिए रखा।
आयोग (Chhattisgarh Women Commission) के समक्ष कुछ महिलाओं ने यह भी शिकायत रखी कि उनके प्रकरणों में निष्पक्ष सुनवाई नहीं हुई। आयोग ने शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक परीक्षण और पुनर्विचार की प्रक्रिया सुनिश्चित करने की बात कही।
एक अन्य मामले में पति-पत्नी के बीच विवाद और प्रताड़ना (Harassment) की शिकायत पर दोनों पक्षों के बीच समझौता होने की जानकारी दी गई। आयोग ने मामले को निगरानी में रखने का निर्णय लिया।
संपत्ति विवाद (Property Dispute) और पारिवारिक प्रताड़ना से जुड़े मामलों में आयोग ने महिलाओं को विधिक सहायता लेने, परामर्श प्राप्त करने तथा शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की सलाह दी।
डॉ. ममता साहू ने कहा कि महिला आयोग महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और न्याय की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विशेष रूप से डिजिटल माध्यमों और सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग के बीच महिलाओं से साइबर अपराधों (Cyber Crime) के प्रति सजग रहने और किसी भी प्रकार के ऑनलाइन उत्पीड़न की तुरंत शिकायत करने की अपील की।
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Updated on:
12 Aug 2026 02:42 am
Published on:
12 Aug 2026 02:42 am
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