राजनीति

जदयू भाजपा के साथ मिलकर मध्‍य प्रदेश, राजस्‍थान, छत्‍तीसगढ़ का नहीं लड़ेगा चुनाव

जनता दल यूनाइटेड पार्टी के रिश्‍ते बिहार में भी बहुत अच्‍छे नहीं हैं। इससे पहले वह यह घोषणा कर चुकी है कि बिहार में भी बड़े भाई की भूमिका में वही है।
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nitish kumar
जदयू भाजपा के साथ मिलकर नहीं मध्‍य प्रदेश, राजस्‍थान, छत्‍तीसगढ़ का नहीं लड़ेगी चुनाव

नई दिल्ली : रविवार को जनता दल यूनाइटेड की कार्यकारिणी की बैठक थी। बताया जाता है कि बैठक में पार्टी ने बड़ा फैसला लिया है। उसने निर्णय लिया कि वह नीतीश कुमार के नेतृत्‍व में राजस्‍थान, मध्‍य प्रदेश, छत्‍तीसगढ़ और मणिपुर में अकेले चुनाव लड़ेगी। वह इन राज्‍यों में भारतीय जनता पार्टी को सहयोग नहीं करेगी। बता दें कि राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में इसी साल विधानसभा चुनाव होंगे और इन तीनों ही राज्यों में भाजपा सत्‍तारुढ़ है।

दो दिनों तक दिल्‍ली में चली बैठकके बाद लिया निर्णय
बता दें कि जनता दल यूनाइटेड पार्टी की बेठक देश की राजधानी नई दिल्‍ली में दो दिनों तक चली। बैठक के बाद जेडीयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल केसी त्यागी ने कहा कि पार्टी ने यह निर्णय लिया है कि वह मणिपुर, राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में अकेले अपने दम पर चुनाव लड़ेगी। हालांकि उन्‍होंने यह भी स्‍पष्‍ट किया कि वह इन राज्‍यों की सारी सीटों पर नहीं, कुछ चुनिंदा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। उन्‍होंने कहा कि कुछ मीडिया में ऐसी खबर चल रही है कि उनकी पार्टी इन राज्‍यों में भाजपा का समर्थन करेगी। लेकिन हम न उनका समर्थन करने जा रहे हैं और न ही विरोध। हम उन्‍हें मदद नहीं करेंगे।

न भाजपा से न कांग्रेस से करेंगे गठबंधन
केसी त्‍यागी ने यह भी कहा कि वह न तो भाजपा के साथ गठबंधन करने जा रहे हैं और न ही कांग्रेस पार्टी के साथ। उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस जब तक राष्‍ट्रीय जनता पार्टी जैसी भ्रष्ट पार्टी को लेकर अपना रुख स्पष्ट नहीं करती, तब तक हम उस पार्टी से किसी तरह की बात नहीं कर सकते।

भाजपा से चल रहा है सीटों को लेकर विवाद
बता दें कि जनता दल यूनाइटेड पार्टी के रिश्‍ते बिहार में भी बहुत अच्‍छे नहीं बताए जा रहे हैं। इससे पहले जदयू यह घोषणा कर चुकी है कि बिहार में बड़ा भाई की भूमिका में वही है और उसे कम से कम 25 सीटें चाहिए। जबकि लगता नहीं की भाजपा इसके लिए मानेगी।

Published on:
08 Jul 2018 06:34 pm