
PM Modi(Image-ANI)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को हैदराबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए देशवासियों से ईंधन बचाने, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने, वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था को फिर से शुरू करने, एक साल तक सोना न खरीदने, विदेशी वस्तुओं की खरीदारी और विदेश यात्राओं से बचने की अपील की। उन्होंने पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध से उत्पन्न वैश्विक संकट से निपटने के लिए विदेशी मुद्रा को बचाने पर जोर दिया। पीएम मोदी की इस अपील के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पीएम मोदी की अपील का स्वागत किया। नागपुर में एक कार्यक्रम से इतर एक प्रश्न का उत्तर देते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश के नागरिकों से बिल्कुल उचित अनुरोध किया है। सभी को इसका पालन करना चाहिए, नहीं तो हमें भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘हम सभी जानते हैं कि अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच पश्चिम एशिया युद्ध के कारण दुनिया भर में ईंधन और गैस की किल्लत है। कई देशों में लॉकडाउन लागू है। हमारे पड़ोसी देशों में हालत बेहद ख़राब है, वहां के लोग तेल और गैस की कमी के कारण एक बड़े संकट का सामना कर रहे हैं और वहां कीमतें बढ़ गई हैं। पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत 450 रुपये प्रति लीटर हो गई है।’’
उन्होंने कहा कि इन सबके बावजूद पीएम मोदी ने यह सुनिश्चित किया कि भारत में ईंधन की आपूर्ति प्रभावित नहीं हो। हमें पर्याप्त ईंधन आपूर्ति मिल रही है। लेकिन ऐसी स्थिति में, यदि हम इसका सही उपयोग नहीं करते, यदि हम इसे बड़ी मात्रा में खत्म करते हैं, अत्यधिक उपयोग करते हैं, तो हमें भी आने वाले दिनों में समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए हम सभी को प्रधानमंत्री मोदी के कहे अनुसार इसका उपयोग करना चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्तमान स्थिति में देश को विदेशी मुद्रा की बचत पर विशेष ध्यान देना होगा। पेट्रोल-डीजल पूरी दुनिया में बेहद महंगे हो गए हैं, इसलिए ईंधन बचाना और इस तरह पेट्रोल और डीजल खरीदने पर खर्च होने वाली विदेशी मुद्रा को बचाना हमारी जिम्मेदारी है। इसलिए नागरिकों को मेट्रो रेल और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करके पेट्रोल और डीजल की खपत कम करनी चाहिए, निजी वाहनों की आवश्यकता होने पर कार-पूलिंग का विकल्प चुनें, माल ढुलाई के लिए रेल परिवहन को प्राथमिकता दें और जहां भी संभव हो, इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग बढ़ाएं।
उन्होंने कहा कि कोरोना काल में जैसे घर से काम करना, ऑनलाइन बैठकें, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी व्यवस्थाएं अपनाईं गई थीं। आज समय की मांग है कि हम उन्हें फिर से राष्ट्रीय हित में शुरू करें।
पीएम मोदी ने नागरिकों से अपील की कि वे अनावश्यक विदेश यात्रा, विदेश में छुट्टियां मनाने और विदेशी शादियों से बचकर और घरेलू पर्यटन और भारत के भीतर समारोह आयोजित करके विदेशी मुद्रा भंडार को संरक्षित करने में मदद करें। उन्होंने लोगों को विदेशी मुद्रा की निकासी पर दबाव कम करने के लिए एक साल तक गैर-जरूरी सोने की खरीदारी से बचने की सलाह भी दी। उन्होंने देशवासियों से मेड-इन-इंडिया और स्थानीय स्तर पर निर्मित उत्पादों को प्राथमिकता देने के लिए कहा। साथ ही परिवारों से खाद्य तेल की खपत कम करने की अपील की।
प्रधानमंत्री ने किसानों से रासायनिक उर्वरकों का उपयोग 50 प्रतिशत तक कम करने, प्राकृतिक कृषि पद्धतियों को अपनाने का आग्रह किया। दुनिया भर में उर्वरक की एक बोरी लगभग 3,000 रुपए में बिक रही है, जबकि भारत के किसानों को वही बोरी 300 रुपए से भी कम में मिल रही है।
पीएम मोदी ने कहा कि पड़ोस में चल रहे युद्ध का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। लेकिन भारत पर इसका असर सबसे ज्यादा है। हमारे पास बड़े तेल के कुएं नहीं हैं। हमें पेट्रोल, डीजल और गैस आयात करना पड़ता है। पेट्रोल, डीजल, गैस और उर्वरकों की कीमतें आसमान छू रही हैं। पिछले दो महीनों से सरकार लगातार लोगों को इसके प्रभाव से बचाने के लिए बोझ उठा रही है। लेकिन जब आपूर्ति श्रृंखला संकट में हो तो सारे उपाय के बावजूद मुश्किलें बढ़ती ही जाती हैं। इसलिए अब हमें एकजुट होकर लड़ना होगा। (इनपुट: IANS के साथ)
Updated on:
11 May 2026, 9:18 AM IST
Published on:
11 May 2026, 9:18 AM IST
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