
केरल में सीएम पद को लेकर खींचतान जारी (Photo-IANS)
Kerala CM: केरल में विधानसभा चुनाव में जीत मिलने के बाद कांग्रेस अब तक सीएम का चेहरा घोषित नहीं कर पाई है। सीएम पद को लेकर नेताओं के बीच रस्साकशी शुरू हो गई है। यही वजह है कि आलाकमान ने अभी तक किसी भी नेता के नाम का ऐलान नहीं किया है। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस गठबंधन के सहयोगियों का भी ध्यान रख रही है। दरअसल, सीएम पद की रेस में तीन बड़े नेताओं वीडी सतीशन, रमेश चेन्निथला और केसी वेणुगोपाल का नाम सबसे आगे चल रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केरल कांग्रेस के विधायकों की सीएम के रूप में केसी वेणुगोपाल पसंद है। वेणुगोपाल कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भी करीबी है। पर्यवेक्षकों की बैठक की एक लिस्ट भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी, जिसमें अधिकतर विधायकों ने वेणुगोपाल को सीएम के रूप में अपनी पसंद बताया था।
यदि कांग्रेस केसी वेणुगोपाल को केरल का मुख्यमंत्री बनाती है तो प्रदेश में दो उपचुनाव होंगे। बता दें कि केसी वेणुगोपाल अलाप्पुझा लोकसभा सीट से सांसद है। यदि कांग्रेस सीएम बनाती है तो उन्हें यह सीट छोड़नी पड़ेगी। इसके बाद इस सीट पर उपचुनाव होगा।
वहीं कांग्रेस केसी वेणुगोपाल के लिए विधासनभा में एक सीट खाली कराएगी, जिसके बाद उस सीट पर भी चुनाव होगा। ऐसे में कांग्रेस के सामने उपचुनाव को लेकर भी चुनौती है।
दरअसल, लोकसभा चुनाव 2024 में अलाप्पुझा सीट पर कांग्रेस, CPI(M) और बीजेपी के बीच हमेशा कड़ा मुकाबला रहा है। इस चुनाव में बीजेपी ने यहां अपने वोट शेयर में करीब 11 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की थी। चुनाव में बीजेपी की ओर से सोभा सुरेंद्रन मैदान में थीं। बीजेपी प्रत्याशी ने 299648 वोट हासिल किए थे।
वहीं कांग्रेस प्रत्याशी केसी वेणुगोपाल को 404560 वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर सीपीआई (एम) प्रत्याशी एम आरिफ को 341047 वोट मिले थे।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लोकसभा चुनाव 2024 में हुए कड़े मुकाबले के बाद कांग्रेस के लिए यह सीट सेफ नहीं मानी जा रही है।
वहीं रिपोर्ट्स के मुताबिक कांग्रेस के कुछ नेताओं और सहयोगी दलों ने एआईसीसी पर्यवेक्षकों मुकुल वासनिक और अजय माकन को इस संभावित खतरे से अवगत कराया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर उपचुनाव होता है तो बीजेपी को यहां फायदा मिल सकता है।
विश्लेषकों के मुताबिक 2024 चुनाव में बीजेपी की बढ़ती ताकत को देखते हुए अलाप्पुझा उपचुनाव में पार्टी जीत दर्ज कर सकती है। दक्षिण केरल में हालिया विधानसभा सीटों और तिरुवनंतपुरम निगम में मिली सफलता से भी बीजेपी कार्यकर्ताओं का आत्मविश्वास बढ़ा है।
कांग्रेस के सामने एक और मुश्किल यह है कि पार्टी ने विधानसभा चुनाव में कई मौजूदा सांसदों को टिकट देने से इनकार किया था। ऐसे में अगर वेणुगोपाल को विशेष छूट देकर चुनाव लड़ाया जाता है, तो पार्टी के भीतर नाराजगी बढ़ सकती है। वहीं, कांग्रेस के अंदरूनी गुटबाजी का असर भी उनके संभावित चुनावी प्रदर्शन पर पड़ सकता है।
Updated on:
11 May 2026 09:42 am
Published on:
11 May 2026 09:41 am
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