जेपी नड्डा ने कहा कि बदली सियासी संस्कृति के बीच नेताओं के बयान भी बदल गए हैं। पहले के नेताओं में नहीं थी राजनीतिक इच्छाशक्ति, इसलिए पूरी व्यवस्था चरमराई हुई थी। अब हमने बिहार को हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लिया है।
नई दिल्ली। विधानसभा चुनाव 2020 की सरगर्मियों के बीच भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ( JP Nadda ) दो दिवसीय बिहार दौरे पर हैं। विधानसभा चुनाव की वजह से वहां पर राजनीति चरम पर है। इस बीच बीजेपी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बीजेपी के अध्यक्ष जेपी नड्डा बड़ा बयान दिया है।
उन्होंने कहा कि 2014 के पहले देश के नेताओं का वक्तव्य होता था, हम देखेंगे, सोचेंगे, करने का प्रयास करेंगे। हम ये काम नहीं कर पा रहे। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 साल के अंदर देश की रजनीतिक संस्कृति को बदलकर रख दिया है।
बदली सियासी संस्कृति के बीच राजनेताओं के बयान भी बदल गए हैं। अब नेता लोग कहने लगे हैं कि हम ये काम हम कर सकते हैं या ये काम और करके दिखाएंगे। ये बात उन्होंने चुनाव प्रचार के बीच आत्मनिर्भर बिहार अभियान के उद्घाटन कार्यक्रम में कहीे।
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि बचपन में हमने देखा कि राजनीतिक नेतृत्व चरमराया हुआ था। पहले के राजनेताओं में राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं थी। इसकी वजह से पूरी व्यवस्था चरमराई हुई थी।
वर्तमान में सियासी परिवेश बदलने से मोदी जी से लेकर नीतीश कुमार और सुशील मोदी तक राजनीतिक इच्छाशक्ति से काम कर रहे हैं। इसलिए मैं, आपसे वादा करता हूं कि हम अब बिहार को आत्मनिर्भर बना के दिखाएंगे। आगामी कुछ वर्षों में बिहार हर क्षेत्र में बेहतर परफॉर्म करता दिखाई देगा। हम बिहार को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। ऐसा हम बिहारवासियों के सहयोग से करके दिखाएंगे।
बता दें कि बिहार में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने को लेकर बीजेपी ने पूरे दमखम से जुट गई है। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की। दोनों के बीच एनडीए में सीट बंटवारे को लेकर चर्चा हुई।
बैठक में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ डिप्टी सीएम सुशील मोदी और बीजेपी बिहार के प्रभारी भूपेंद्र यादव भी मौजूद हैं। सीट बंटवारे पर बीजेपी की तरफ से प्रस्ताव दिया गया है। बहुत जल्द इस मुद्दे पर अंतिम फैसला होने की उम्मीद है।
जानकारी के मुताबिक एलजेपी अध्यक्ष चिराग पासवान के रुख और जीतन राम मांझी के एनडीए में आने की बात पर भी चर्चा हुई। सभी के बीच सियासी तालमेल बनाने पर जोर दिया गया है।