किरण बेदी ने कहा कि पुड्डुचेरी के जिन गांवों में लोग खुले में शौच करेंगे वहां के लोगों को मुफ्त में दी जाने वाली सरकारी राशन बंद कर दी जाएगी।
नई दिल्ली। आईपीएस अधिकारी से राजनेता बनीं पुड्डुचेरी की उपराज्यपाल किरण बेदी अपने एक बयान के लिए विवादों में आ गई हैं। जहां एक ओर सरकार हर गरीब व्यक्ति तक मुफ्त में राशन पहुंचने का दावा कर रही है वहीं किरण बेदी एक बयान के लिए विवादों में आ गई हैं। उपराज्यपाल किरण बेदी ने शनिवार को कहा कि केंद्र शासित प्रदेश के जिन गांवों में लोग खुले में शौच करेंगे, खुले में कूड़ा फेकेंगे य़ा जो भी गांव शौच से मुक्त नहीं होंगे, वहां के लोगों को मुफ्त में दी जाने वाली सरकारी राशन को बंद कर दिया जाएगा। बता दें कि किरण बेदी द्वारा जारी यह आदेश मुफ्त चावल वितरण की योजना सशर्त होगी। इस आदेश के मुताबिक गांव के स्थानीय विधायक और सामुदायिक आयुक्त से इस बात का प्रमाण पत्र लेना होगा और सिविल सप्लाई कमीश्नर को सौंपना होगा कि वे खुलेे में शौच नहीं करते हैं, खुले में कूड़ा नहीं फेकते हैं, साथ ही उनका गांव शौच मुक्त हो गया है। इन सबके के अलावे आदेश में यह भी कहा गया है कि लोगों को यह भी बताना होगा कि उनके घरों में और गांव में प्लास्टिक का प्रयोग नहीं होता है। किरण बेदी ने कहा है कि सरकारी राशन लेने वालों को यह भी प्रमाण पत्र लेना होगा कि उनका गांव प्लास्टिक के कचरे से मुक्त है।
जून से लागू होगा यह आदेश
आपको बता दें कि उपराज्यपास किरण बेदी द्वारा जारी किया गया फरमान जून से लागू होगा। किरण बेदी ने कहा है कि लोगों को इस आदेश को अमल करने के लिए चार महीने का समय दिया गया है ताकि लोग संबंधित विभाग से संपर्क कर सकें साथ हीं अपने आस-पास वातावरण को साफ-सुथरा बना सकें। एक सरकारी बयान में कहा गया है कि “मुफ्त चावल वितरण की योजना अगले आदेश तक स्थगित की जाती है और चावल को सुरक्षित भंडार में रखने का आदेश दिया जाता है। चावल का वितरण लाभार्थियों को तभी दिया जाएगा, जब उनका गांव स्वच्छता का प्रमाण-पत्र हासिल कर लेगा। प्रमाण-पत्रों की भी क्रॉस चेकिंग हो ताकि उसकी प्रामाणिकता बरकरार रह सके। मुफ्त चावल वितरण योजना का लाभ उठाने के लिए सभी विधानसभा क्षेत्रों को चार हफ्ते का समय दिया गया है, ताकि वो अपने-अपने इलाकों को शौच से मुक्त और स्वच्छ कर सकें। इस नोटिस की समय-सीमा 31 मई को समाप्त हो जाएगी।”
किरण बेदी ने स्वच्छता अभियान की सुस्ती पर चिंता जाहिर की
गौरतलब है कि स्वच्छता अभियान केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी योजना है। इसके तहत केंद्र सरकार हर गांव, जिले को स्वच्छ बनाकर देश को गंदगी मुक्त बनाना चाहती है। हालांकि अभी भी हमारे देश में शौच के लिए पारंपरिक तरिकों का उपयोग किया जाता है। इसलिए लोगों को बदलने में समय लग सकता है। उपराज्यपाल किरण बेदी की मंशा भले ही अच्छी रही हो लेकिन अपने इस बयान के लिए विवादों में आ गई हैं। किरण बेदी ने केंद्र शासित प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में स्वच्छता अभियान की सुस्त रफ्तार पर भी चिंता जाहिर की है और उम्मीद जताया है कि नए आदेश से अधिकारी ग्रामीण इलाकों को स्वच्छ बनाने में तेजी से काम करेंगे।