
मुंबई: बीजेपी और शिवसेना के रिश्तों में बढ़ती दूरी के बीच ममता बनर्जी की अचानक हुई एंट्री से राजनीतिक पंडित हैरान हैं। दरअसल गुरुवार को शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की। इस दौरान उनके बेटे आदित्य ठाकरे भी साथ मौजूद थे। दोनों नेताओं के बीच हुई इस गुप्त मुलाकात ने महाराष्ट्र की राजनीति में खलबली पैदा कर दी है।
उद्धव-ममता दोनों बीजेपी विरोधी
बता दें कि ममता बनर्जी बीजेपी की धुर विरोधी मानी जाती हैं। कई बार नोटबंदी और जीएसटी को लेकर वो मोदी सरकार के खिलाफ आवाज उठाती रही हैं। वहीं एनडीए की सहयोगी शिवसेना भी पिछले कुछ समय से बगावती सुर पर उतारु है। शिवसेना और बीजेपी की जंग में शिवसेना कई बार समर्थन वापस लेने की बात कह चुकी है।
बदल सकती है राजनीतिक समीकरण
इस मुलाकात को दोनों पक्ष शिष्टाचार मुलाकात का नाम दे रहे हैं, लेकिन गौर जब भी दो मजबूत जनाधार वाले नेता मिलते हैं तो राजनीति का समीकरण भी बनने और बिगड़ने लगता है। यह मुलाकात साउथ मुंबई के उस होटल में हुई जहां ममता बनर्जी अपने महाराष्ट्र प्रवास के दौरान रुकी हुई हैं।
शिवसेना ने की राहुल गांधी की तारीफ
बता दें कि पिछले दिनों शिवसेना नेता संजय राउत ने पीएम मोदी का विरोध राहुल गांधी के तारीफों के पुल बांधे थे। उन्होंने कहा कि देश में नरेंद्र मोदी की लहर कम हो गई है। राहुल गांधी देश का नेतृत्व करने के काबिल हैं। तीन साल पहले बेशक उन्हें पप्पू कहा जाता था लेकिन अब कांग्रेस को उनमें एक लीडर दिख गया है। अब उन्हें पप्पू कहना गलत होगा।
मोदी विरोधी रैली में शामिल हुईं थीं ममता
वहीं बीजेपी और पीएम मोदी के विरोध में पटना में आयोजित विरोध रैली में भी ममता बनर्जी विपक्ष के साथ खड़ी हो चुकी हैं। आरजेडी मुखिया लालू प्रसाद यादव द्वारा आयोजित इस मोदी भगाओ देश बजाओ रैली में यूपी के तत्कालीन सीएम अखिलेश यादव भी शामिल हुए थे।