
नवनीत मिश्र
नई दिल्ली। 45 साल के नितिन नबीन को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर चौंका चुकी भारतीय जनता पार्टी फिर बड़ा सियासी धमाका कर सकती है। नए साल में मोदी सरकार का बहुप्रतीक्षित मंत्रिपरिषद विस्तार भी चौंकाने वाला हो सकता है। लो प्रोफाइल नए चेहरों की एंट्री हो सकती है। कम उम्र के नेताओं के सरकार में शामिल होने से मोदी 3.0 टीम और युवा हो सकती है।
दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी जिस विकसित भारत की बात करते हैं, उसके मद्देनजर पार्टी में नेतृत्व विकसित करने पर भी जोर दे रहे। पार्टी सूत्रों का कहना है कि 45 साल के नितिन नबीन को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर अगले 20 से 25 साल के नेतृत्व विकास के मिशन को और धार दिया जा रहा। संगठन के बाद अब सरकार में नए चेहरों को शामिल कर भविष्य की राजनीति के लिए स्थापित करने की तैयारी है। उत्तर प्रदेश, बंगाल, तमिलनाडु आदि चुनावी राज्यों से नए चेहरों को मौका मिल सकता है। नए साल में नितिन नबीन के नेतृत्व में भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम गठन के आसपास ही मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल होने की संभावना है।
प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी ने 9 जून 2024 को तीसरी बार 72 मंत्रियों के साथ शपथ ली थी।प्रधानमंत्री मोदी ने 78 मंत्रियों के साथ दूसरे कार्यकाल की सरकार चलाई थी, इस हिसाब से भी अभी छह चेहरों की गुंजाइश बनती है।
संसदीय नियमों के मुताबिक, लोकसभा में कुल 543 सदस्यों की संख्या का अधिकतम 15 प्रतिशत मंत्री बनाए जा सकते हैं। इस लिहाज से देखें तो अभी 9 मंत्रियों की संभावनाएं हैं। पंकज चौधरी के यूपी का प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद मोदी सरकार में वित्त राज्य मंत्री का पद भी आगे इस्तीफे से खाली होगा। इस प्रकार 10 की गुंजाइश हो सकती है।
मोदी सरकार के पहले कार्यकाल की तुलना में दूसरे में बड़े परिवर्तन हुए थे। लेकिन, तीसरे कार्यकाल में गठबंधन की सरकार बनने के कारण मंत्रिमंडल में कोई खास बदलाव नहीं दिखा। माना गया कि गठबंधन की मजबूरियों के कारण पुराने सभी चेहरों को रिपीट किया गया। जबकि दूसरे कार्यकाल में वर्ष 2021 में बड़ा फेरबदल हुआ था, तब रविशंकर प्रसाद, प्रकाश जावडेकर जैसे बड़े चेहरों की विदाई हो गई थी।
2014 में मई में सरकार बनी थी और उसी साल नवंबर में पहला फेरबदल हुआ था
2019 में दूसरे कार्यकाल में दो साल बाद जुलाई 2021 में विस्तार/फेरबदल हुआ था।