
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के सबसे पुराने सहयोगी शिरोमणि अकाली दल सहित कांग्रेस और कुछ अन्य दलों द्वारा एग्री विधेयकों का भारी विरोध करने के एक दिन बाद पीएम नरेंद्र मोदी ( pm modi ) ने आक्रामक रुख अपना लिया है। पीएम ने विपक्ष की घोर आपत्तियों को पूरी तरह से खारिज करते हुए एग्री बिलों को ऐतिहासिक और किसान समर्थक करार दिया है।
साथ ही विपक्ष के इन आरोपों को भी सिरे से नकार दिया कि इससे बिचौलियों को लाभ मिलेगा। पीएम ने किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पहले की तरह बेरोकटोक जारी रखने का भी आश्वासन दिया है।
उन्होंने कहा कि गुरुवार को कृषि सुधारों के लिहाज से देश के लिए एक ऐतिहासिक दिन था। लोकसभा में कृषि सुधार विधेयकों को सदन ने ध्वनिमत से पारित कर दिया। इन विधेयकों के पारित होने से हमारे किसान भाई कई तरह की प्रतिबंधों से भी मुक्त हो गए हैं।
पीएम मोदी ने बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान एक वर्चुअल रैली को संबोधित करते हुए कहा कि अभी तक बिचौलिए किसानों के मुनाफे का एक बड़ा हिस्सा हड़प लेते थे। यह बिल बिचौलियों की इस कारगुजारियों पर लगाम लगाएगा। यह बिचौलियों की भूमिका को समाप्त करेगा। एग्री विधेयक देश के किसानों के लिए सुरक्षा कवच साबित होगा।
पीएम मोदी की यह प्रतिक्रिया अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल द्वारा मंत्री पद से इस्तीफा और कांग्रेस के भारी विरोध के बाद आई है। पीएम ने किसानों को बिचौलियों की ओर से फैलाए जा रहे झूठ से सावधान रहने को कहा है।
हरियाणा सरकार में बीजेपी की सहयोगी पार्टी जेजेपी ने ए्ग्री बिलों का समर्थन करते हुए अकालियों के साथ मोर्चेबंदी में शामिल होने से इनकार कर दिया है।
दूसरी तरफ मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने एग्री बिलों को किसानों के लिए महाभारत और मोदी सरकार को कौरव कहा है। उन्होंने कहा कि लोकसभा में इन बिलों के पास होने के बाद से बीजेपी कौरवों की भूमिका में आ गई है। बीजेपी के इस नीति का विरोध पांडव के रूप में देश के किसान और खेतिहर मजदूर करेंगे। इस मुद्दे पर कांग्रेस पांडवों के साथ है।