राजनीति

छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर पुलिस-छात्र आमने-सामने

प्रदेश में बीते तीन साल से बंद पड़े छात्र संघ चुनाव की बहाली की मांग को लेकर महाविद्यालय के छात्रों ने छात्र नेता दिनेश ठोलिया व पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष शशिकांत कालेरा के नेतृत्व में मिनी सचिवालय के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया। छा
2 min read
• •
Updated: 30 Jul 2025, 1:41 AM IST
Police and students face to face over the demand for student union elections
रायसिंहनगर.मिनी सचिवालय पर पुलिस से उलझते हुए छात्र।

रायसिंहनगर(श्रीगंगानगर). प्रदेश में बीते तीन साल से बंद पड़े छात्र संघ चुनाव की बहाली की मांग को लेकर महाविद्यालय के छात्रों ने छात्र नेता दिनेश ठोलिया व पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष शशिकांत कालेरा के नेतृत्व में मिनी सचिवालय के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री का पुतला दहन कर नाराजगी जाहिर की।
प्रदर्शन से पूर्व बड़ी संख्या में छात्र पब्लिक पार्क में इकट्ठे हुए तथा वहां रैली के रुप में रवाना होकर मुख्य बाजार से नारेबाजी करते हुए जुलूस के रुप में उपखण्ड कार्यालय पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद उपखण्ड कार्यालय में पहुंचकर उपखण्ड अधिकारी सुभाष चन्द्र चौधरी को ज्ञापन देने की जिद पर अड़ गए तथा जबरन उपखण्ड कार्यालय में घुसने का प्रयास करने लगे, लेकिन थानाधिकारी कलावती चौधरी के नेतृत्व में तैनात पुलिस जाप्ते ने छात्रों को प्रवेश द्वार पर ही रोक दिया। जब छात्र उपखंड अधिकारी को ज्ञापन देने के लिए कार्यालय की ओर बढ़े तो मौजूद पुलिस बल और छात्रों के बीच धक्का-मुक्की हो गई। इस दौरान एक बार माहौल तनावपूर्ण हो गया। इस दौरान छात्रों ने जमकर नारेबाजी की और छात्र संघ चुनाव जल्द कराने, मनमानी फीस वृद्धि पर रोक लगाने और कॉलेजों में छात्रों को मूलभूत सुविधाएं देने की मांग की।
छात्र नेता दिनेश ठोलिया ने आरोप लगाया कि प्रदेश में तीन वर्षों से छात्र संघ चुनाव नहीं हो रहे हैं, जिससे छात्रों की आवाज दबाई जा रही है। कॉलेज प्रशासन फीस में लगातार बढ़ोतरी कर रहा है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्र उच्च शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। प्रदर्शन में शामिल पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष शशिकांत कालेरा व अन्य छात्रों ने नारेबाजी करते छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग की।

झालावाड़ की घटना को लेकर जताया विरोध

छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि झालावाड़ के पीपलोदी गांव में घटना के शिकार बालकों के शवों का अंतिम संस्कार टायर जलाकर करना सरकार की पीडित परिवारों के प्रति असंवेदनशीलता की प्रकाष्ठा है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर भी उपखण्ड अधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

Updated on:
30 Jul 2025, 1:41 AM IST
Published on: