
शिंदे गुट के नेता राजेंद्र जंजाल को जान से मारने की धमकी (Photo: X/Shiv Sena)
Chhatrapati Sambhajinagar News: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में उप-महापौर (डिप्टी मेयर) और शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के नेता राजेंद्र जंजाल को जान से मारने की धमकी मिली है। आरोपी ने कथित तौर पर 10 लाख रुपये की फिरौती भी मांगी है। शिकायत के अनुसार, फोन करने वाले ने दावा किया कि उसे शिवसेना नेता की हत्या के लिए 5 लाख रुपये की सुपारी मिली है। इसकी जानकारी मिलते ही राजेंद्र जंजाल के समर्थक सीधे थाने पहुंच गए और आधी रात तक प्रदर्शन किया। पुलिस ने देर रात मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम करीब सात बजे शिंदे गुट के जिला प्रमुख राजेंद्र जंजाल अपने परिवार के साथ घर पर थे। इसी दौरान उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी और 10 लाख रुपये देने की मांग की।
कॉल करने वाले ने कथित तौर पर कहा कि उसे राजेंद्र जंजाल की हत्या के लिए 5 लाख रुपये की सुपारी मिली है। उसने यह भी धमकी दी कि अगर जंजाल ने उसे 10 लाख रुपये नहीं दिए, तो वह उनकी जान नहीं बख्शेगा। जैसे ही यह बात फैली शिवसेना नेता के समर्थक बड़ी संख्या में पुंडलिकनगर पुलिस स्टेशन पहुंच गए और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे।
मिली जानकारी के मुताबिक, इस मामले में कुख्यात गैंगस्टर पवन जैस्वाल का नाम सामने आया है। पवन पुलिस रिकॉर्ड में एक कुख्यात अपराधी के तौर पर दर्ज है। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास समेत 16 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज होने का खुलासा हुआ है। उस पर महाराष्ट्र प्रिवेंशन ऑफ डेंजरस एक्टिविटीज (MPDA) के तहत भी कार्रवाई हुई है।
बताया जा रहा है कि कुछ महीने पहले उसने एक पुलिसकर्मी पर भी जानलेवा हमला किया था। हालांकि, उप-महापौर को धमकी देने और फिरौती मांगने के मामले में आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
इस मामले में सबसे अहम सवाल उस कथित व्यक्ति को लेकर उठ रहा है, जिसका जिक्र फोन करने वाले ने किया। आरोप है कि आरोपी ने बातचीत के दौरान कहा कि उसके 'साहब' ने उप-महापौर राजेंद्र जंजाल की हत्या की सुपारी दी है।
फिलहाल किसी की गिरफ्तारी की खबर नहीं है और पुलिस जांच कर रही है।
राजेंद्र जंजाल को धमकी मिलने की खबर फैलते ही उनके सैकड़ों समर्थक पुंडलिकनगर पुलिस स्टेशन पहुंच गए। वे आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज करने और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
प्रारंभ में पुलिस की ओर से एनसी दर्ज करने की बात सामने आने पर समर्थक नाराज हो गए। वे एफआईआर दर्ज करने की मांग पर अड़े रहे, जिसके चलते पुलिस स्टेशन परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त रत्नाकर नवले पुलिस स्टेशन पहुंचे। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद देर रात पुलिस ने मामले में केस दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की।
फिलहाल, इस धमकी के पीछे की वजह, कथित सुपारी देने वाले व्यक्ति की पहचान और फिरौती की मांग से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
Updated on:
24 Oct 2026, 1:31 PM IST
Published on:
24 Oct 2026, 1:12 PM IST
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