
नई दिल्ली। कर्नाटक चुनाव के बाद से सियासी माहौल काफी बदल चुका है। विपक्ष की एकजुटता देख भाजपा और संघ में खलबली मच गई है। आलम यह है कि संघ मोदी सरकार की कैर्यशैली से संतुष्ट नहीं है। इसी कड़ी में संघ और भाजपा के कुछ नेताओं के बीच बैठक भी हुई। इस बैठक में आगे की रणनीति पर चर्चा की गई। साथ ही विपक्ष को आगे कैसे मात दिया जाए, इसकी तैयारी भी शुरू हो गई है।
भाजपा को और नजदीक से मदद करेगा संघ
संघ के महासचिव कृष्णगोपाल सोमवार को केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर , संस्कृति मंत्री महेश शर्मा और भाजपा के कुछ अन्य नेताओं से मिले थे। संघ के एक अधिकारी ने बताया कि कुछ बैठकें हुई हैं। इन बैठकों का मकसद संघ और भाजपा के बीच कई अहम मसलों पर चर्चा करना था, ताकि हम विरोधियों को उचित जवाब दे सकें। सूत्रों के की मानें तो संघ कुछ मामलों में केंद्र सरकार की परफॉर्मेंस से संतुष्ट नहीं है, जिनमें रोजगार देने का वादा, एफडीआई और श्रमिकों से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। वहीं, एक अन्य संघ के अधिकारी का कहना है कि लगभग हर चुनाव में संघ के कैडर भाजपा के पीछे खड़े होते हैं। लेकिन, इस बार संघ ने पार्टी के और करीब आकर मदद करने का फैसला लिया है।
अगामी चुनाव की तैयारी में जुटा संघ
गौरतलब है कि कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की सरकार बनी है। सीएम एचडी कुमारस्वामी के शपथग्रहण पर विपक्ष का जमावड़ा बेंगलुरू में लगा था। जानकारों का कहना था कि आम चुनाव से पहले मोदी सरकार के खिलाफ यह विपक्षी दलों के एकजुट होने की झलक थी। भाजपा को सत्ता से उखाड़ने के लिए विपक्ष हर दिन नई चाल चल रही है। सूत्रों को कहना है कि संघ को डर है कि कहीं विपक्ष अपनी चाल में कामयबा न हो जाए। इसलिए, पार्टी को अब और नजदीक से मदद की जाएगी। यहां आपको यह भी बता दें कि संघ की ओर से यह कदम आगामी विधानसभा चुनाव राजस्थान व मध्य प्रदेश के साथ-साथ लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर उठाया गया है।