लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी को अब छोटे-छोटे दल झटका दल झटका देने की तैयारी में हैं।
नई दिल्लीः जम्मू-कश्मीर में बीजेपी और पीडीपी में तलाक होने के बाद अब सवाल उठने लगे हैं कि आखिर ऐसी क्या बात है जिसकी वजह से बीजेपी के सहयोगी उसका साथ छोड़ते जा रहे हैं। जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं वैसे-वैसे बीजेपी के सहयोग दल तास के पत्तों की तरह बिखरते जा रहे हैं। अभी हाल में ही टीडीपी ने बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए का दामन छोड़ दिया था। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री बीजेपी से समर्थन वापस लेकर तीसरे मोर्चे की कयावद में लगे हुए हैं। उधर, महाराष्ट्र में शिवसेना बीजेपी से अलग राह पकड़ ली है। शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे पहले से ही कहते रहे हैं कि वे आगामी लोकसभा चुनाव अकेले लड़ेंगे। शिवसेना के मुखपत्र सामना में आए दिन बीजेपी और केंद्र सरकार के खिलाफ लेख छपते रहे हैं।
क्या बीजेपी को झटका देने की तैयारी में हैं सहयोगी
अब सवाल उठ रहा है कि क्या लोकसभा चुनाव में बीजेपी को झटका देने की तैयारी में हैं एनडीए के सहयोगी दल। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं कि पीडीपी के बाद अब अगला नंबर बिहार में जेडीयू, आरएलएसपी का हो सकता है। बीजेपी की सहयोगी जेडीयू के मुखिया और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से आज ही जब पत्रकारों ने गठबंधन पर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि 'अलायंस-वलायंस छोड़िए, अब कोई समझौता नहीं'। इस शब्द का मायने आप भी निकाल सकते हैं। उधर केंद्रीय मंत्री और आरएलएसपी के मुखिया उपेंद्र कुशवाहा भी बीजेपी से खुश नहीं हैं। बिहार में बीजेपी के सहयोगी अभी से ही लोकसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे पर समझौता पक्का कर लेना चाहते हैं। जेडीयू, आरएलएसपी और बीजेपी में लोकसभा चुनाव को लेकर सीट बंटवारे पर मतभेद हैं। संभव है अगर भविष्य में बात नहीं बनी तो जेडीयू और आरएलएसपी का भी बीजेपी से मोहभंग हो सकता है। लालू की पार्टी आरजेडी पहले से ही आरएलएसपी को महागठबंधन में शामिल होने का ऑफर दे चुकी है।
यूपी में अपना दल और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी भी बीजेपी से नाखुश
बताया जाता है कि उत्तर प्रदेश में केंद्रीय मंत्री अऩुप्रिया पटेल की पार्टी अपना दल भी बीजेपी से नाराज चल रही है। यूपी के कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर खुले तौर पर बीजेपी के खिलाफ हमला बोलते रहे हैं। यूपी में कानून व्यवस्था से लेकर भ्रष्टाचार तक उनकी टिप्पणी जगजाहिर है। बलिया के बैरिया सीट से बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह ने अभी हाल में ही ओम प्रकाश राजभर की तुलना कुत्ते से की थी। इऩ तमाम बयानों से साफ जाहिर होता है कि अपना दल और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी भी लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी के नेतृत्व वाले एऩडीए का साथ छोड़ सकती है।