
School Building Demolition: एक पखवाड़े बाद प्रदेश में शिक्षण सत्र शुरू होने वाला है और विद्यालयों में अध्यापन कार्य शुरू हो जाएंगे। वहीं दूसरी ओर कई विद्यालयों के भवनों की स्थिति जर्जर बनी हुई है। ऐसे में बारिश में बच्चों को अध्यापन कराने को लेकर चिंता बनी हुई है। हालांकि विभाग की और से इस संबंध में प्रस्ताव बनाए गए हैं। प्रतापगढ़ जिले में 276 जर्जर विद्यालय भवनों को गिराया जाना है। वहीं बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर बैठाने के निर्देश है। प्रतापगढ़ जिले के सरकारी विद्यालयों में जर्जर भवनों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
शिक्षा विभाग की ओर से तैयार रिपोर्ट के अनुसार प्रतापगढ़ में कुल 1345 राजकीय विद्यालय संचालित हैं, जिनमें से 276 विद्यालय भवन जर्जर श्रेणी में चिन्हित किए गए है। इनमें से 131 भवनों को जमींदोज करने के लिए जिला कार्यालय से आदेश भी जारी कर दिए गए है। अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक कार्यालय की और से जारी आदेश में संबंधित मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि जिन भवनों के ध्वस्तीकरण प्रस्ताव स्वीकृत हो चुके हैं, उन्हें एसएमसी एवं एसडीएमसी के माध्यम से शीघ्र जमींदोज कराया जाए।
विभाग का उद्देश्य किसी भी संभावित दुर्घटना या जनहानि की रोकना है। यह है जिले में स्थिति जिले में सबसे अधिक जर्जर भवन सुहागपुरा ब्लॉक में 52 है, जबकि सबसे कम 23 जर्जर भवन अरनोद और प्रतापगढ़ ब्लॉक में दर्ज किए गए हैं। दूसरी ओर जमींदोज करने के आदेश सबसे अधिक 24 भवनों के लिए दलौट ब्लॉक में जारी हुए है।
| ब्लॉक | कुल विद्यालय | जर्जर भवन | जमींदोज के आदेश/अयोग्य भवन |
|---|---|---|---|
| अरनोद | 101 | 23 | 21 |
| प्रतापगढ़ | 169 | 23 | 13 |
| पीपलखूंट | 175 | 53 | 11 |
| सुहागपुरा | 149 | 52 | 23 |
| दलोट | 132 | 41 | 24 |
| धमौतर | 144 | 29 | 10 |
| छोटीसादड़ी | 185 | 26 | 22 |
| धरियावद | 290 | 29 | 7 |
| कुल | 1345 | 276 | 131 |
स्रोत: शिक्षा विभाग
विद्यालय खुलने के साथ ही हजारों विद्यार्थियों की सुरक्षा का सवाल भी महत्वपूर्ण हो गया है। कई विद्यालयो में पुराने भवन वर्षों से उपयोग में नहीं है, जबकि कुछ स्थानों पर जर्जर कमरों के आसपास विद्यार्थियों की आवाजाही बनी रहती हैं। ऐसे में समय पर कार्रवाई को आवश्यक माना जा रहा है।
आधे से कम जर्जर भवनों पर हुई कार्रवाई शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में 276 जर्जर विद्यालय भवन चिन्हित है, जबकि अब तक 131 भवनों को ध्वस्त करने के आदेश जारी हुए है। यानी अभी भी 145 जर्जर भवन ऐसे है जिन पर आगे की
कार्रवाई होना बाकी है। ऐसे भवनों की स्थिति और सुरक्षा को लेकर नियमित निगरानी की आवश्यकता है।
जिन जर्जर विद्यालय भवनों के ध्वस्तीकरण प्रस्ताव जिला कार्यालय प्राप्त हुए हुए थे। उन सभी को जमींदोज करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। संबंधित मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को एसएमसी एवं एसडीएमसी के माध्यम से कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना या जनहानि न हो। वहीं बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर बैठाने के आदेश दिए गए हैं।
विकास भालोठिया, अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक, समग्र शिक्षा प्रतापगढ़