प्रयागराज

इलाहाबाद हाईकोर्ट से आजम खां की जमानत मंजूर, फिर भी जेल से नहीं होंगे बाहर, 89 मामलों में से 88 में मिल चुकी है बेल

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आजम खां की शत्रु संपत्ति पर कब्जे के मामले मे जमानत याचिका पर बीते दिनों फैसला सुरक्षित कर लिया था। कोर्ट ने आज अपना निर्णय दे दिया है। सीतापुर जेल में करीब 26 महीने से बंद आजम खां की जमानत को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मंजूर कर लिया है। आदेश न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी ने दिया है।

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इलाहाबाद हाईकोर्ट से आजम खां की जमानत मंजूर, फिर भी जेल से नहीं होंगे बाहर, 89 मामलों में से 88 मिल चुकी है बेल

प्रयागराज: समाजवादी पार्टी के विधायक व पूर्व मंत्री आजम खां को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। आजम खां को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने शुत्र संपत्ति पर अवैध कब्जे के मामले में जमानत दी है। इसके बावजूद वह सीतपुर जेल में ही रहेंगे। अब तक पूर्व मंत्री आजम खां को 89 मामलों में से 88 केस में जमानत मिल चुकी है। आखरी केस में जमानत मंजूर होने के बाद ही वह जेल से रिहा हो सकेंगे।

88वें केस में जमानत मंजूर

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आजम खां की शत्रु संपत्ति पर कब्जे के मामले मे जमानत याचिका पर बीते दिनों फैसला सुरक्षित कर लिया था। कोर्ट ने आज अपना निर्णय दे दिया है। सीतापुर जेल में करीब 26 महीने से बंद आजम खां की जमानत को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मंजूर कर लिया है। आदेश न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी ने दिया है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खां को शत्रु संपत्ति हड़पने के मामले में अंतरिम जमानत पर रिहा करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने एक लाख रूपये मुचलके व दो प्रतिभूति पर जमानत दे दे दी है। कोर्ट ने आजम खान से शत्रु संपत्ति को पैरा मिलिट्री फोर्स को सौंपने का आदेश दिया है।

पूर्व मंत्री व विधायक आजम खां को 89 में से 88 आपराधिक मामलों में पहले ही जमानत मिल चुकी है। इसके साथ ही एक दर्जन से अधिक मामलों में जमानत अर्जी निरस्त करने लिए राज्य सरकार ने अर्जी दी है। जमानत मिलने के पहले आजम खां के ऊपर एक और मामले केस दर्ज हो गया है। इस केस में जमानत मंजूर हुई तो आजम खां जेल से बाहर निकल आयेंगे। नया केस दर्ज होने से दर्ज आखिरी मामले में अब जमानत मिलने के बावजूद रिहाई नहीं हो सकेगी। अभी एक केस की वजह से आजम खां को जेल में रहना होगा।

उधर सुप्रीम कोर्ट ने आजम खां की जमानत पर फैसला सुनाने में देरी को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट पर तल्ख टिप्पणी की थी। जिसके बाद आज आजम खां की याचिका पर फैसला सुनाया गया। कोर्ट में आजम खां के अधिवक्ता इमरानुल्लाह खान, कमरूल हसन, सफदर काजमी, राज्य सरकार की तरफ से अपर महाधिवक्ता एमसी चतुर्वेदी, शासकीय अधिवक्ता एस के पाल अपर शासकीय अधिवक्ता पतंजलि मिश्र कोर्ट में मौजूद थे।

Updated on:
10 May 2022 10:52 pm
Published on:
10 May 2022 10:51 pm
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