हाईकोर्ट ने दादरी के देवली गांव के भूखण्डों पर ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के निर्माण की पैमाइश कराने का निर्देश दिया है। पैमाइश के लिए प्रभाकर अवस्थी को एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त किया है। कोर्ट ने उनसे 30 जनवरी तक विवादित भूमि की पैमाइश कराकर रिपोर्ट पेश करने को कहा है। साथ ही डीएम व तहसीलदार को एडवोकेट कमिश्नर का सहयोग करने और अथारिटी के अधिकारियों को निरीक्षण के दौरान मौजूद रहने का निर्देश दिया है।
याचिका की अगली सुनवाई चार फरवरी को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति तरूण अग्रवाल एवं न्यायमूर्ति वीण्केण्मिश्र की खण्डपीठ ने सूरजपुर औद्योगिक एरिया स्थित कंपनी मेसर्स तोषा इंटरनेशनल व अन्य की याचिका पर दिया है। याची अधिवक्ता का कहना है कि कंपनी का गुलिस्तानपुर गांव में प्लाट है। इसके बगल में देवला गांव की जमीन है। हाईकोर्ट ने दोनों
गांवों का भूमि अधिग्रहण रद्द कर दिया है। इसके बावजूद कंपनी की बाउण्ड्रीवाल तोड़ दी गयी और अथारिटी सड़क का निर्माण करा रही है। अथारिटी के वकील का कहना है कि बाउण्ड्रीवाल अधिग्रहण रद्द होने के पहले ही टूटी थी। सरकार ने दोबारा अधिग्रहण किया है। अथारिटी ने जमीन को कब्जे में नहीं लिया है और न ही निर्माण करा रही है। इस पर कोर्ट ने विवादित स्थल का मुआयना व पैमाइश करने के लिए एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त किया है।