IPS Success Story: आईआईटी रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग के बाद भारतीय पुलिस सेवा ज्वाइन करने वाले आईपीएस अधिकारी वैभव कृष्ण की क्या है सफलता की कहानी। आइये बताते हैं उनके चुनौतियों से भरे जीवन के बारे में।
IPS Vaibhav Krishna Success Story: सुनहरे और आरामदायक जीवन का त्याग कर चुनौतियों को स्वीकारने वाले को ही समय और दुनिया पूजती है। आईपीएस अधिकारी वैभव कृष्ण की भी कहानी कुछ ऐसी ही है। बीटेक के बाद उन्होंने पुलिस सेवा चुना और आज महाकुंभ मेले के डीआईजी बनाए गए हैं।
आईपीएस वैभव कृष्ण का जीवन प्रेरणादायक है। उनका जन्म 12 दिसंबर 1983 को उत्तर प्रदेश के बागपत में हुआ। बचपन से ही वे पढ़ाई में बहुत मेधावी थे। 12वीं कक्षा के बाद उन्होंने आईआईटी रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया। हालांकि, उनका सपना प्रशासनिक सेवा में जाने का था। बीटेक पूरी करने के बाद उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की और 2009 में पहली बार परीक्षा पास की। 86वीं रैंक हासिल कर वे 2010 बैच के आईपीएस अधिकारी बने और उत्तर प्रदेश कैडर में नियुक्त हुए।
वैभव कृष्ण का करियर कई उतार-चढ़ाव से भरा रहा। जनवरी 2020 में, नोएडा में एसएसपी के पद पर रहते हुए, उन्हें एक मामले के कारण निलंबित कर दिया गया। करीब 14 महीने बाद, 2021 में उनकी बहाली हुई। वैभव कृष्ण को शासन ने 24 जून 2024 को आजमगढ़ मंडल का डीआईजी बनाया था। 25 जून को वैभव कृष्ण ने आजमगढ़ मंडल का कार्यभार ग्रहण किया था।
डीआईजी वैभव कृष्ण ने केवल 6 महीनों में आजमगढ़ मंडल में माफियाओं और अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की। उन्होंने फरार अपराधियों पर इनाम घोषित करने के साथ ही अपराध से अर्जित संपत्तियों को जब्त करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, उन्होंने महिला संबंधी अपराधों, हत्या, और हत्या के प्रयास से जुड़े मामलों में मंडल के तीनों पुलिस कप्तानों को सख्त और प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए, जिससे कानून व्यवस्था में सुधार हुआ।
सरकार ने 04 जनवरी 2025 को आदेश जारी कर वैभव कृष्ण को महाकुंभ मेला क्षेत्र का डीआईजी बनाया है। श्रद्धालुओं के आस्था के केंद्र और पुख्ता इंतजाम के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने वैभव कृष्ण ओर भरोसा किया है। उत्तर प्रदेश के डीजीपी प्रशांत कुमार ने महाकुंभ स्थल का दौरा कर सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की। इसी क्रम में राज्य सरकार ने वैभव कृष्ण को इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी की कमान सौंपी है और उन्हें तुरंत पदभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।