प्रयागराज

प्रयागराज में भारी बवाल: भर्ती परीक्षाओं में भ्रष्टाचार और रोजगार के खिलाफ हजारों छात्रों का प्रदर्शन, बोले- कॉकरोच सड़क पर हैं

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में करीब 2 हजार छात्रों ने NEET पेपर लीक और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही धांधली के विरोध में कैंडिल मार्च (Candle March) निकाला। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Union Education Minister Dharmendra Pradhan) का इस्तीफा मांगा है।
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Updated: 29 May 2026, 10:21 PM IST
student protest in prayagraj
प्रयागराज में छात्रों का विरोध प्रदर्शन (सोर्स- पत्रिका)

प्रयागराज में शुक्रवार की शाम को प्रतियोगी छात्रों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। करीब 2 हजार छात्रों ने NEET पेपर लीक और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही धांधली के विरोध में कैंडिल मार्च निकाला। इतनी बड़ी संख्या में छात्रों को इकट्ठा देखकर प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए।

कैंडल मार्च को पुलिस ने रोका

प्रयागराज में करीब ढ़ाई घंटे तक छात्रों ने विरोध-प्रदर्शन किया। कटरा स्थित मनमोहन पार्क से छात्रों ने कैंडल मार्च निकाला और इसे सुभाष चौराहा होते हुए आजाद पार्क ले जाने की योजना थी। छात्रों के कैंडल मार्च को पुलिस ने आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान जमकर नारेबाजी हुई। छात्रों का आरोप है कि पुलिस ने हिंदू छात्रावास के आगे उन्हें बढ़ने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद छात्र आजाद पार्क पहुंचे और वहां सभा कर अपनी मांगों को दोहराया।

छात्र बोले- आज कॉकरोच सड़क पर हैं

सभा में छात्रों ने मोबाइल फ्लैश लाइट जलाकर विरोध जताया। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कहा- आज कॉकरोच प्रयागराज की सड़कों पर हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। छात्रोंने आरोप लगाया कि धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में सबसे ज्यादा धांधली हो रही है। छात्रों ने स्पष्ट किया कि यह विरोध केवल NEET तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे परीक्षा सिस्टम और भर्ती प्रक्रियाओं में फैली गड़बड़ियों के खिलाफ है।

12 जून को लखनऊ में आंदोलन करें छात्र

छात्रों ने कहा कि मेहनत करने वाले युवाओं का परीक्षा व्यवस्था पर से भरोसा उठ रहा है। प्रदेश और देश भर में लाखों शिक्षित युवा वर्षों से तैयारी कर रहे हैं, लेकिन पेपर लीक, देरी, कथित गड़बड़ियां और रिक्त पदों पर धीमी नियुक्तियां उनके भविष्य को अंधकारमय बना रही हैं। संयुक्त प्रतियोगी छात्र हुंकार मंच ने आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए 12 जून को 'लखनऊ चलो' का ऐलान किया है। इसके साथ ही छात्रों ने 30 मई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को जिलाधिकारी के माध्यम से रिमाइंडर ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम तय किया गया है।

मौके पर भारी पुलिस बल तैनात

छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। कैंडल मार्च के दौरान छात्रों ने निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया, अधिक रोजगार के अवसर और परीक्षा प्रणाली में सुधार के नारे लगाए। हालात संभालने के लिए 4 थानों की पुलिस फोर्स, 2 एसीपी, 200 जवान, क्विक रेस्पांस टीम और ड्रोन की निगरानी के लिए तैनात की गई है।

Updated on:
29 May 2026, 10:21 PM IST
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