मेले में हर साल खो जाते हैं सैंकड़ो बच्चे और बुजुर्ग
इलाहाबाद. संगम नगरी में लगने वाले दुनिया का सबसे बड़े मेले में बिछुडों को मिलाने के लिए पुलिस प्रशासन सोशल मीडिया पर भूला बिसरा शिविर चलाने की तैयारी कर रही है। मेले में बिछुडों को मिलाने के लिए पुलिस प्रशासन एप बना रहा है। बिछुडों को मिलाने के लिए कोई भी इस अपन फीडबैक दे सकेगा।
इलाहाबाद में इस बार माघ मेला दो जनवरी से प्रारंभ होने जा रहा है। प्रशासन इसे भव्य रूप देने मंे जुटा हुआ हैं। माघ मेले में हर साल करोड़ो श्रद्धालू संगम स्नान करने आते हैं। इसमें से प्रतिदिन हजारो लोग मेले में अपनों से बिछुड जाते हैं। इस बार पुलिस प्रशासन मेले मंें आने वाले श्रद्वालुओं की सुरक्षा के साथ अपनों से बिछुड़े लोगों को मिलाने के लिए कमर कस ली है। वैसे तो माघ, कंुभ और महाकुंभ मेले में बिछुडे लोगों को मिलाने के लिए समाजसेवी संस्था भी भूले बिसरे शिविर के माध्यम से मदद करती है। साथ ही मेले में पुलिस चैकियों पर भूले बिसरे सैंकड़ो लोग पहंुचते हैं।
जहां से काफी लोगों को उनके परिजनों से मिलाने में मदद मिलती है। वहीं जो बच्चे या बुजुर्ग अपना नाम, पता या अन्य जानकारी नहीं बता पाते। उन्हें खोया-पाया सेल में रखा जाता है। ऐसे बच्चों और बुजुर्गो को मिलाने के लिए इस बार पुलिस प्रशासन सोशल मीडिया का सहारा लेगा। फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्विटर पर खोया पाया नाम से एक पेज बनाया जाएगा। पुलिस प्रशासन की ओर से इस काम में एनआईसी और आईटी सेक्टर के एक्सपर्ट काम कर रहे हैं। फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्विटर पर जल्द ही पेज बन कर तैयार हो जाएगा।
फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्विटर पर पुलिस प्रशासन व जनता एक दूसरे से जानकारी शेयर करंेगें। इसमें संबंधित व्यक्ति की फोटो के साथ अन्य जानकारियां रहेंगी। जिससे कि मिसिंग लोगों की जानकारी उनके परिवार वालों तक पहुंच सके। इसके अलावा अगर कोई जानकारी संबंधित व्यक्ति से जुड़ी आम जनता के पास है। तो वह भी उसे शेयर करके पुलिस प्रशासन की मदद कर सकेगा।