उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां भांग के नशे में एक चाचा ने अपनी तीन साल की मासूम भतीजी को कुएं में फेंक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। यह पूरी घटना बच्ची की छह साल की बड़ी बहन के सामने हुई। चिप्स दिलाने के बहाने बाहर […]
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां भांग के नशे में एक चाचा ने अपनी तीन साल की मासूम भतीजी को कुएं में फेंक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। यह पूरी घटना बच्ची की छह साल की बड़ी बहन के सामने हुई।
घटना सुरियावां थाना क्षेत्र के दानूपुर पूरबपट्टी गांव की है। मजदूर राजू बिंद और उनकी पत्नी रीमा देवी गुरुवार सुबह काम पर गए थे। घर पर उनकी छह साल की बेटी रागिनी और तीन साल की आंचल अकेली थीं। इस दौरान बच्चियों का चचेरा चाचा रंजीत उर्फ नन्हें वहां आया। उसने दोनों बच्चियों को चिप्स दिलाने के बहाने बाहर बुलाया। जब दोनों बाहर आईं, तो उसने छोटी बच्ची आंचल को गोद में उठा लिया और घर से करीब 100 मीटर दूर स्थित कुएं में फेंक दिया। इसके बाद वह मौके से भाग गया।
अपनी छोटी बहन को कुएं में फेंकते देख बड़ी बहन रागिनी जोर-जोर से रोने लगी और शोर मचाया। आवाज सुनकर गांव के लोग मौके पर पहुंचे। लोगों ने कुएं में देखा तो बच्ची का शव मिला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपी चाचा रंजीत को पकड़ लिया है। पूछताछ में पता चला कि वह भांग के नशे में था। वह मुंबई में मजदूरी करता था और मकर संक्रांति पर गांव आया था।
पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। अभी तक उसने हत्या की कोई स्पष्ट वजह नहीं बताई है। परिवार में किसी तरह के विवाद की भी जानकारी नहीं मिली है। बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है और गांव में मातम का माहौल है।