महाकुंभ हादसे में गोरखपुर के दो श्रद्धालु भी शिकार हो गए हैं। उनके मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। दोनों श्रद्धालु गांव के अन्य कई लोगों के साथ मौनी अमावस्या के स्नान के लिए गए हुए थे।
मौनी अमावस्या के दिन महाकुंभ में हुए हादसे का शिकार एक महिला समेत दो लोग हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक मंगलवार की देर रात महाकुंभ परिसर में भगदड़ के दौरान दोनों चपेट में आ गए थे।दोनों की मौत हो गई।मृतकों की पहचान खजनी थानाक्षेत्र के उनवल की नगीना देवी और वार्ड नंबर चार के पन्ने निषाद के रुप में हुई है। सूचना मिलने के बाद मृतकों के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजन उनके शव को लेने प्रयागराज निकल निकल चुके हैं। इसी तरह वशिष्ठ मुनि पांडेय पुत्र भागीरथ पांडेय, नेतवर पांडेय, रामनगर केवटलिया, कैंपियरगंज भी भगदड़ के दौरान घायल हो गए थे। प्रशासन ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।इसी तरह, प्रभुनाथ गुप्ता स्व. नेबुलाल गुप्ता तुलसी पाकड़, ग्राम पंचायत बकसूड़ी, झंगहा भी स्नान के बाद लौटते समय भीड़ के दबाव में आ गए और दम तोड़ दिया।हादसे की सूचना मिलते ही मृतकों के परिवार में कोहराम मच गया। परिजन शव लेने प्रयागराज रवाना हो गए हैं।
महाकुंभ में भगदड़ के बाद गोरखपुर की दो महिलाएं लापता हो गई हैं। इनमें थाना सहजनवा के गांव पोस्ट भीटी रावत निवासी विद्या यादव और मालती देवी, पत्नी श्री भागवत चौरसिया निवासी ग्राम सभा हरपुर, थाना पिपराइच शामिल हैं। यह दोनों महिलाएं स्नान करने प्रयागराज पहुंची थीं।भगदड़ के बाद से दोनों लापता हैं। परिजन उनकी तलाश में प्रयागराज रवाना हो गए हैं।
महाकुंभ में संगम तट पर मची भगदड़ में कई लोग घायल हो गए हैं। 30 लोगों की मौत हो गई है। घायलों का इलाज कुंभ क्षेत्र के सेक्टर-2 में बने अस्पताल में चल रहा है।इस हादसे पर डीआईजी कुंभ वैभव कृष्ण ने बताया कि आज महाकुंभ प्रयागराज में भीड़ का भारी दबाव था। इस वजह से बैरिकेडिंग टूट गई। जिससे लोग कुचलने लगे। 30 लोगों की मौत हो गई।उन्होंने कहा कि महाकुंभ में रात 1-2 बजे के बीच भगदड़ मची। इसमें 90 लोग घायल हुए, जिनमें से 30 की मौत हो गई है। मृतकों में 25 की पहचान हो गई है। इनमें चार कर्नाटक और एक श्रद्धालु गुजरात का था। बाकी 5 की पहचान की जा रही है। डीआईजी ने यह भी बताया कि वहां कोई वीआईपी प्रोटोकॉल नहीं था। हादसे में घायल हुए लोगों की जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर (1920) जारी किया गया है।