Maharashtra: महाराष्ट्र में चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सास-बहू के विवाद ने एक पति की जान ले ली। आरोप है कि सास से परेशान बहू ने पानी में ज़हर मिला दिया था, लेकिन रात में गलती से वही ज़हरीला पानी पति ने पी लिया, जिससे उसकी तड़प-तड़पकर मौत हो गई
Maharashtra:महाराष्ट्र के पूणे में एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। दरअसल, यहां पर सास-बहू की लड़ाई में एक पति ने अपनी जान गवां दी है। बताया जा रहा है कि सास से परेशान होकर बहू ने पानी में जहर मिलाकर रख दिया था, लेकिन रात में गलती से जहर वाला पानी पति ने पी लिया, जिसके बाद उसकी तड़प-तड़पकर मौत हो गई। फिलहाल आरोपी बहू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की जांच में पाया गया कि बहू के अफेयर के बारे में सास जानती थी, इसलिए वह उसे जान से मारने की कोशिश कर रही थी।
आपको बता दें कि यह घटना पंढरपुर के उंबरगांव की है। इस मामले में जब पुलिस ने छानबीन की तो पता चला कि समाधान लोहार और सारिका की शादी साल 2013 में हुई थी। शादी के बाद कुछ सालों में पति-पत्नी के बीच किसी न किसी बात को लेकर अनबन होती रही। इसी बीच चार साल पहले पत्नी की मुलाकात गांव के ही शेखर चंदनशिवे से हुई, जो धीरे-धीरे कथित तौर पर प्रेम संबंध में बदल गई। बहू के इस चक्कर के बारे में सास को भनक लग गई थी, जिसको लेकर परिवार में हमेशा लड़ाई होती रहती थी। इसी बात को लेकर बहू सास को रास्ते से हटाना चाहती थी।
सास को रास्ते से हटाने के इरादे से सारिका ने अपने कथित प्रेमी के साथ मिलकर खौफनाक साजिश रची। आरोप है कि 10 जनवरी 2026 को उसका प्रेमी उसे खेत में मिला, जहां उसने ज़हर से भरी एक बोतल सौंपते हुए इसे घर में इस्तेमाल करने की योजना समझाई। उसे निर्देश दिया गया कि वह यह ज़हर घर के पीने के पानी के बर्तन में मिला दे, ताकि किसी को शक न हो। उसी योजना के तहत सारिका ने रात के अंधेरे का फायदा उठाते हुए चुपके से पानी के बर्तन में जहर मिला दिया, यह मानते हुए कि सुबह वही पानी उसकी सास पीएंगी। हालांकि, इस साजिश का अंजाम उसकी सोच से बिल्कुल अलग और कहीं ज्यादा भयावह साबित हुआ।
रात के समय जब सास विमल पानी पीने के लिए उठीं, तो उन्होंने देखा कि पानी का रंग सामान्य नहीं था, बल्कि पीला सा नजर आ रहा था। स्वाद चखने पर भी उन्हें उसमें हल्की कड़वाहट महसूस हुई, जिससे उन्हें तुरंत शक हो गया। संदेह के चलते उन्होंने वह पानी पीने से इनकार कर दिया और संभावित खतरे को समझते हुए उसे सबूत के तौर पर एक लोटे में भरकर रख लिया। बाद में उन्होंने अपने बेटे समाधान को वह पानी दिखाया और पूरी बात बताई, जिसके बाद लोटा वहीं रख दिया गया। दुर्भाग्यवश, रात में खाना खाने के बाद समाधान ने अनजाने में उसी लोटे से पानी पी लिया। कुछ ही घंटों के भीतर उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी, जिसके बाद परिजन घबरा गए और उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। 6 दिन इलाज चलने के बाद उसने अस्पताल में ही दम तोड़ दिया।