पुणे

‘लव जिहाद’ पर सख्ती की मांग, मैरिज रजिस्ट्रेशन कानून में बदलाव को लेकर किरीट सौमेया ने CM फडणवीस से की अपील

Love Jihad: महाराष्ट्र में लव जिहाद पर लगाम लगाने को लेकर भाजपा के सांसद किरीट सौमेया ने मैरिज रजिस्ट्रेशन कानून में बदलाव करने की मांग की है। उन्होंने सीएम देवेंद्र फडणवीस अपील करते हुए कहा है कि विवाह पंजीकरण के लिए आवेदन करने पर हिंदू युवतियों के माता-पिता को अनिवार्य रूप से सूचित किया जाए ताकि किसी भी प्रकार से कोई हिंदू लड़की लव जिहाद का शिकार न हो।

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Feb 21, 2026

Love Jihad:महाराष्ट्र में लव जिहाद पर लगाम लगाने को लेकर भाजपा के सांसद किरीट सौमेया ने मैरिज रजिस्ट्रेशन कानून में बदलाव करने की मांग की है। उन्होंने सीएम देवेंद्र फडणवीस अपील करते हुए कहा है कि विवाह पंजीकरण के लिए आवेदन करने पर हिंदू युवतियों के माता-पिता को अनिवार्य रूप से सूचित किया जाए ताकि किसी भी प्रकार से कोई हिंदू लड़की लव जिहाद (Love Jihad) का शिकार न हो।

आपको बता दें कि भाजपा सांसद ने मैरिज रजिस्ट्रेशन कानून में बदलाव करने की मांग गुजरात के तर्ज पर किया है। दरअसल,
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल (Bhupendra Patel) ने विवाह पंजीकरण प्रक्रिया में अहम संशोधन करते हुए बड़ा निर्णय लिया है। नए प्रावधान के तहत अब शादी करने वाले लड़के और लड़की के साथ-साथ उनके माता-पिता की जानकारी और सहभागिता भी विवाह पंजीकरण में शामिल की जाएगी। सरकार का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य विवाह प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना, फर्जी शादियों पर रोक लगाना और परिवारों की सहमति सुनिश्चित करना है। संशोधन से यह भी उम्मीद जताई जा रही है कि किसी भी तरह के धोखे, दबाव या गलत जानकारी के आधार पर होने वाले विवाह मामलों को समय रहते रोका जा सकेगा। राज्य सरकार के इस फैसले को सामाजिक और प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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BJP सासंद का दावा

बीजेपी नेता किरीट सौमेया (Kirit Somaiya) का कहना है कि इस तरह के प्रावधानों से संदिग्ध या विवादित मामलों की जांच और सत्यापन के लिए प्रशासन को पर्याप्त समय मिल सकेगा। उनका दावा है कि इससे धोखाधड़ी और गलत जानकारी के आधार पर होने वाले मामलों पर रोक लगेगी। हालांकि, इस मुद्दे पर अलग-अलग सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के बीच मतभेद भी उभरकर सामने आए हैं। कुछ संगठनों का तर्क है कि ऐसे नियमों से व्यक्तिगत स्वतंत्रता प्रभावित हो सकती है और वयस्कों के विवाह से जुड़े मौलिक अधिकारों पर असर पड़ने की आशंका है।

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