
पुणे। महाराष्ट्र की कोल्हापुर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सरगना समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। दरअसल कोल्हापुर में अंतरराज्यीय संगठित अपराध गिरोह के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। कुख्यात बिश्नोई गैंग के सरगना श्यामलाल गोवर्धनराम पूनिया उर्फ बिश्नोई और उसके साथी श्रीराम मांजु उर्फ पाचाराम बिश्नोई को स्थानीय अपराध अन्वेषण शाखा की टीम ने कोल्हापुर जिला सत्र न्यायालय परिसर से हिरासत में लिया।
राजस्थान और पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक दोनों आरोपी कई गंभीर अपराधों में फरार थे और पुलिस को उनकी तलाश थी। दोनों के न्यायालय परिसर में आने की जानकारी मिलने के बाद कोल्हापुर पुलिस ने जाल बिछाया। दोनों आरोपी पार्किंग से बाहर निकलते समय पुलिस को देखकर कार से भागने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि पुलिस ने गेट बंद कर उनका रास्ता रोक लिया और दोनों को हिरासत में ले लिया।
श्यामलाल पूनिया के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, डकैती और अवैध हथियार रखने समेत 17 गंभीर मामले दर्ज हैं। वहीं श्रीराम मांजु के खिलाफ हत्या का प्रयास, डकैती, बलात्कार, छेड़छाड़, चोरी और सेंधमारी समेत 26 मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। दोनों आरोपियों को आगे की जांच के लिए संबंधित पिंपरी-चिंचवड़ और राजस्थान पुलिस के हवाले करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक नीलोत्पल के मार्गदर्शन में स्थानीय अपराध अन्वेषण शाखा के पुलिस निरीक्षक सुशांत चव्हाण और उनकी टीम ने पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस के सहयोग से की। पुलिस की ओर से अपराधियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई और जांच जारी है।
गौरतलब है कि इससे पहले हनुमानगढ़ और पुणे पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से तीन विदेशी पिस्टल, तीन मैगजीन और 40 कारतूस बरामद किए गए थे। पुलिस जांच में सामने आया था कि आरोपियों ने पुणे में हवाला कारोबारी अमूल चमड़िया और सन्नी चमड़िया की फैक्ट्री पर फायरिंग की थी। यह वारदात 50 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने के लिए की गई थी।
इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी 24 वर्षीय पवन भाट पुत्र राम भाट, निवासी आईटीआई बस्ती, जंक्शन को हनुमानगढ़ जंक्शन से पकड़ा था। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर उसके साथी रवि सुथार, निवासी आईटीआई बस्ती, को भी जंक्शन क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई पूरी होने के बाद पुणे पुलिस तीनों आरोपियों को अपने साथ पुणे ले गई थी। पुलिस के मुताबिक, पुणे में हुई फायरिंग की जिम्मेदारी आरजू बिश्नोई और शुभम लोंकर ने ली थी।