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’70 करोड़ महिलाएं भारत की सबसे बड़ी ताकत’, पुणे में छात्रों की गूंज कार्यक्रम में बोले राहुल गांधी

Rahul Gandhi in Pune: पुणे में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भारत की महिलाओं को देश की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि देश की 70 करोड़ महिलाओं के अपने सपने, कल्पनाएं और जीवन की अलग-अलग यात्राएं हैं।
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पुणे

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Anand Shekhar

Aug 22, 2026

Rahul Gandhi Chhatron Ki Goonj

छात्रों की गूंज कार्यक्रम में राहुल गांधी (फोटो- X@rahul gandhi)

Rahul Gandhi Chhatron Ki Goonj: लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शनिवार को पुणे के AISSMS कॉलेज ग्राउंड में आयोजित 'छात्रों की गूंज' महिला विशेष महारैली को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वह कोई राजनीतिक भाषण या उपदेश देने नहीं आए हैं, बल्कि देश की युवा पीढ़ी के अनुभवों, चिंताओं और विचारों को सुनने आए हैं।

70 करोड़ महिलाएं हैं देश की असली ताकत- राहुल गांधी

सभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि भारत की असली ताकत और सबसे बड़ी पहचान उसकी महिलाएं हैं। उउन्होंने कहा कि अक्सर लोग उनसे पूछते हैं कि भारत की सबसे बड़ी ताकत क्या है और इस मामले में उनकी राय बिल्कुल साफ है। छात्राओं से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि देश की सबसे बड़ी संपत्ति और ताकत वे 70 करोड़ अनोखे सफर, 70 करोड़ अनूठी कल्पनाएं और 70 करोड़ अनोखे सपने हैं जिन्हें भारतीय महिलाएं जी रही हैं।

महिलाएं ज्यादा संवेदनशील होती हैं- राहुल गांधी

समाज में महिलाओं की भूमिका और योगदान पर बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि महिलाएं स्वभाव से पुरुषों की तुलना में ज्यादा संवेदनशील, विनम्र, दयालु और दूरदर्शी होती हैं। उन्होंने कहा कि उनका मानना ​​है कि भारत की युवतियां और बुजुर्ग महिलाएं देश का सबसे बड़ा सहारा और संपत्ति हैं। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे उनके बीच इसलिए आए हैं ताकि वे उनकी चुनौतियों, शिक्षा और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को समझ सकें और मिलकर उनके समाधान ढूंढ सकें।

महिलाओं को आजाद होना चाहिए- राहुल गांधी

महिलाओं की आत्मनिर्भरता को लेकर राहुल गांधी ने आगे कहा, "मनुस्मृति में कहा गया है कि बबचपन में एक लड़की अपने पिता की संपत्ति होती है, जवानी में वह अपने पति की होती है और पति की मृत्यु के बाद वह अपने बेटों की होती है। इसमें कहा गया है कि महिला को कभी भी स्वतंत्र नहीं होना चाहिए। यह मनुस्मृति का सीधा उद्धरण है। ये शब्द एक शर्म की बात हैं और ऐसे शब्द कभी कहे ही नहीं जाने चाहिए थे।"

महिलाओं को तीन तरह की हिंसा का करना पड़ता है सामना- राहुल गांधी

समाज में महिलाओं की सुरक्षा पर राहुल गांधी ने कहा कि देश में महिलाओं को मुख्य रूप से तीन तरह की हिंसा का सामना करना पड़ता है। पहली है सीधी शारीरिक हिंसा, जो जन्म से पहले ही शुरू हो जाती है, जहां देश में हर साल लगभग 4,50,000 बच्चियों को जन्म से पहले मार दिया जाता है। इसके अलावा, 80 प्रतिशत लड़कियों को सड़कों, बसों, रेस्तरां, स्कूलों या कॉलेजों जैसी जगहों पर किसी न किसी तरह की छेड़छाड़ का सामना करना पड़ता है, लगभग 29 से 30 प्रतिशत महिलाएं घर या बाहर शारीरिक हिंसा व मारपीट का शिकार होती हैं और देश में प्रति 100 में से 6 महिलाएं बलात्कार की शिकार होती हैं।