
अकाली दल नेता दलजीत सिंह चीमा (फाइल फोटो - एएनआई)
Daljit Singh Cheema on Punjab Government: शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने पंजाब सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री के परिवार और उनके करीबियों पर लगे आरोपों की CBI जांच कराने की मांग की है। डॉ. चीमा ने कहा कि अगर सरकार को भरोसा है कि इन आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है तो उसे निष्पक्ष जांच से पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को खुद जांच कर अपने मंत्रियों और अधिकारियों को क्लीन चिट देने के बजाय स्वतंत्र एजेंसी से जांच करानी चाहिए।
अकाली दल नेता ने एक मामले का जिक्र करते हुए दावा किया कि दुष्कर्म से जुड़े मामले में मुख्यमंत्री के परिवार पर 5 करोड़ रुपये लेने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि ये आरोप एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की ओर से लगाए गए हैं। चीमा के मुताबिक, इस मामले से जुड़ी याचिका हाईकोर्ट में लंबित है। उन्होंने यह भी दावा किया कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की ओर से सरकार को नोटिस भेजा गया है।
उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री को लगता है कि आरोप गलत हैं तो मामले की जांच CBI को सौंप देनी चाहिए। अगर सरकार CBI से जांच नहीं कराना चाहती तो किसी मौजूदा न्यायाधीश की निगरानी में जांच कराई जा सकती है।
चीमा ने कहा कि अगर सरकार खुद अपने मंत्रियों, अधिकारियों और करीबी लोगों को क्लीन चिट देगी तो जनता ऐसे निष्कर्षों पर भरोसा नहीं करेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री से सभी आरोपों पर खुलकर जवाब देने और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
अकाली दल नेता ने मुख्यमंत्री के OSD पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में पंजाब के DGP को पत्र भेजा जा चुका है।
डॉ. चीमा ने पंजाब सरकार की वित्तीय नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि पंजाब पर पहले से करीब 4.5 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है और सरकार इसके बावजूद नए कर्ज लेने की तैयारी कर रही है।
उन्होंने हाल ही में कनाडा से 15,000 करोड़ रुपये का कर्ज लेने की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया। उनके मुताबिक, इस प्रक्रिया में दो एजेंसियों या बिचौलियों को करीब 340 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाना है।
चीमा ने दावा किया कि इनमें से एक एजेंसी को बैंक और पंजाब सरकार के बीच बैठक कराने के लिए ही करीब 190 करोड़ रुपये फीस दी जानी है। उन्होंने सवाल किया कि जब सरकार के पास मुख्य सचिव और बड़ी संख्या में IAS अधिकारी हैं तो कर्ज से जुड़े दस्तावेज और परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के लिए इतनी बड़ी रकम बिचौलियों को क्यों दी जा रही है।
अकाली दल नेता ने पंजाब की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि राज्य में चोरी, हत्या और विस्फोट जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस को उसकी मूल जिम्मेदारियों के बजाय दूसरे कामों में लगाया जा रहा है। रोपड़ में लंबे समय तक सफाई व्यवस्था खराब रहने का जिक्र करते हुए उन्होंने सरकार पर प्रशासनिक मोर्चे पर विफल रहने का आरोप लगाया।
चीमा ने 1984 के सिख विरोधी दंगों को लेकर कांग्रेस पर भी हमला बोला। उन्होंने हरियाणा कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा पर सज्जन कुमार की तारीफ करने का आरोप लगाया। उन्होंने पंजाब कांग्रेस के नेताओं चरणजीत सिंह चन्नी और राजा वड़िंग से सवाल किया कि अगर वे सज्जन कुमार की भूमिका के खिलाफ हैं तो उन्होंने पहले इस मुद्दे पर आवाज क्यों नहीं उठाई।
चीमा ने कांग्रेस नेतृत्व से भी इस मामले में अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और सोनिया गांधी से सार्वजनिक तौर पर स्थिति साफ करने को कहा। साथ ही उन्होंने जगदीश टाइटलर और कमलनाथ को लेकर भी कांग्रेस से जवाब मांगा। अकाली दल ने कहा है कि आरोपों की निष्पक्ष जांच होने से ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी और जनता का भरोसा कायम रह सकेगा।
Updated on:
23 Aug 2026 10:09 pm
Published on:
23 Aug 2026 10:09 pm
