महाराष्ट्र के पुणे के कल्याणी नगर में लोगों को ठगने वाला गिरोह एक्टिव है। इस गैंग में एक ठग है या कई, इसका पुलिस पता लगाने का प्रयास कर रही है। लेकिन यह शातिर ठग पुलिसकर्मी या सिविल ऑफिसर बन अलग-अलग तरह से लोगों के साथ ठगी को अंजाम दे रहे हैं।
महाराष्ट्र के पुणे के कल्याणी नगर में पिछले 15 दिनों में कम से कम तीन लोगों को नकली पुलिसकर्मी या सिविल ऑफिसर बन कुछ शातिर लोगों को ठग चुके हैं। पीड़ितों के मुताबिक, यह ठग मार्केट एरिया में खड़ी कारों के पास जाता है और उनसे कार का लाइसेंस दिखाने को कहता है। वहीं कुछ मामलों में सिविल ऑफिसर बन शातिर ठग मरम्मत काम के लिए हाउसिंग सोसायटी का दौरा कर अलग-अलग वजह बताकर पैसे लूटते हैं। लगातार शिकायतें मिलने के बाद पुलिस शातिर ठगों की खोज में जुट गई है।
इस मामले को लेकर एक पीड़ित का कहना है कि 12 नवंबर को पुलिसकर्मियों की वर्दी में आए दो लोगों ने उसकी सोसायटी में पैसे मांगे। इमारत में आईटी कपल से 2 हजार रुपये ठगे। इसके बाद ठग में से एक पुलिसकर्मी बन पीड़ित के पास आया लेकिन उसने दरवाजा बंद कर लिया। पीड़ित ने कहा है कि उसने घटना को लेकर यरवदा पुलिस को जानकारी भी थी। यह भी पढ़े: Maharashtra News: राज्यपाल के बयान पर भड़के सांसद संजय राउत, कहा- यह अपमान है, तुरंत इस्तीफा दें कोश्यारी
नगर निगम अधिकारी बन लोगों को ठगा: बता दें कि 10 नवंबर को पुणे नगर निगम का अधिकारी बन एक शख्स ने मैगनोलिया एनेक्स हाउसिंग सोसायटी के एक अधिकारी के साथ धोखाधड़ी की। सोसायटी के गेट के पास एक नाले के जाल को बदलने की आड़ में शख्स ने कथित तौर पर पूरी सोसाइटी से करीब 7570 रुपये ठगे, जिसके बाद उसके सदस्यों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। सोसायटी की एक ने बताया है कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी। क्योंकि पूरी सोसायटी ने उस शख्स पर विश्वास किया, जो हमारी गलती थी।
बता दें कि एक पीड़ित ने कहा है कि खाकी वर्दी पहने एक बदमाश रजिस्टर के साथ आया, जिसमें उन लोगों के नाम थे, जिन्होंने किसी वजह से से पैसे दिए थे। इसके बाद उसने पीड़ित से भी रुपए मांगे। बदमाश ने लाइसेंस मांगा, जो केवल ट्रैफिक पुलिस को पूछने की इजाजत है। इसलिए पीड़ित ने मना कर दिया और चला गया।
इस मामले पर यरवदा के पुलिस निरीक्षक बालकृष्ण कदम ने बताया कि पुलिस मामले की जांच में जुटी है और ठगी करने वाले कई लोग हैं या फिर एक, इसका पता लगाने का प्रयास कर रही है। सोसाइटी के सिक्योरिटी गार्डों को आने वाले लोगों की आईडी मांगनी चाहिए और संदिग्ध होने पर एंट्री नहीं देना चाहिए। सोसायटी प्रबंधन को ऐसे लोगों की पहचान सत्यापित करने के लिए गेट पर आना चाहिए।