
Raigarh Steel Plant Blast: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के पूंजीपथरा स्थित रायगढ़ इस्पात संयंत्र में बड़ा हादसा हो गया। यहां कथित फर्नेस ब्लास्ट की घटना में तीन श्रमिक घायल हो गए। हादसे के बाद घायलों को तत्काल उपचार के लिए अपेक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। मामला पूंजीपथरा थाना क्षेत्र का है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, फर्नेस में अधिक नमी (मॉइस्चर) जमा हो जाने के कारण यह घटना हुई। बताया जा रहा है कि मजदूर नियमित कार्य में जुटे हुए थे, तभी फर्नेस क्षेत्र में अचानक तेज गर्मी और धुआं फैल गया। घटना में तीन कर्मचारी झुलस गए। उन्हें तत्काल उपचार के लिए निजी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है।
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक तीनों घायल श्रमिकों की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर है। घटना के बाद उद्योग प्रबंधन के अधिकारी और कर्मचारी अपेक्स अस्पताल पहुंच गए तथा घायलों के उपचार की निगरानी कर रहे हैं। मामले की जानकारी मिलने के बाद हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
रायगढ़ इस्पात के जीएम सुनील पांडा ने कहा कि बरसात के मौसम में रॉ मैटेरियल में नमी आ जाने से फर्नेस हिट होने पर गैस का फॉर्मेशन हो जाता है। गैस ऊपर निकलने से धुआं फैल गया, जिससे मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई। उन्होंने बताया कि कुछ मजदूर घबराहट में ऊपर से कूद गए, जिससे उन्हें चोटें आई हैं। जीएम ने फर्नेस ब्लास्ट होने की बात से इनकार किया है। फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग की टीम मामले की जांच कर रही है।
रायगढ़ इस्पात के जीएम सुनील पांडा ने कहा कि बरसात के मौसम में रॉ मैटेरियल में नमी आ जाने से फर्नेस हिट होने पर गैस का फॉर्मेशन हो जाता है। गैस ऊपर निकलने से धुआं फैल गया, जिससे मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई। उन्होंने कहा कि कुछ मजदूर घबराहट में ऊपर से कूद गए, जिससे उन्हें चोटें आई हैं। जीएम ने फर्नेस ब्लास्ट होने की बात से इनकार किया है। फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग की टीम मामले की जांच कर रही है।
वहीं औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग के सहायक संचालक राहुल पटेल ने बताया कि रायगढ़ इस्पात में हादसा हुआ है। जिसमें श्रमिक घायल हुए है। 10 प्रतिशत के आसपास झुलसे हैं। एक श्रमिक का हाथ टूटा है, चारो श्रमिका का इलाज जारी है। औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की टीम जांच के लिए निकल गई है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। समय-समय पर उद्योगों में जांच की जाती है।