रायपुर

Raipur Corona Update: रेलवे में कोरोना से 100 कर्मचारी पॉजिटिव, कंटेनमेंट जोन घोषित नहीं

Raipur Corona Update: राजधानी रायपुर के डब्ल्यूआरएस कॉलोनी क्षेत्र की पार्षद अंजनी विभार ने जारी बयान में कहा है कि रेलवे में 100 कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं। तीन कर्मचारियों की मौत हो गई।
2 min read
• •
Apr 11, 2021
coronavirus_updates.jpg

रायपुर. राजधानी रायपुर के डब्ल्यूआरएस कॉलोनी क्षेत्र की पार्षद अंजनी विभार ने जारी बयान में कहा है कि रेलवे में 100 कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं। तीन कर्मचारियों की मौत हो गई। सबसे अधिक खराब स्थिति रेलवे के वैगन रिपेयर शॉप में हैं, जहां कर्मचारी ग्रुप में काम करते हैं। इसके बावजूद रेलवे कारखाना प्रबंधन कर्मचारियों की जान से खिलवाड़ पर आमादा है। उन्होंने जिला प्रशासन और औद्योगिक स्वास्थ्य सुरक्षा अधिकारियों से भी शिकायत की है।

वार्ड पार्षद अंजनी विभार ने कहा कि पॉजिटिव कर्मचारियों का इलाज जारी है। दूसरी ओर रेलवे वैगन रिपेयर शॉप में कारखाना प्रबंधक द्वारा रेलवे कर्मचारियों से दवापूर्वक शत-प्रतिशत उपस्थिति में काम लिया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों के परिवार डरे सहमे हुए हैं। महिलाएं एवं बच्चों को लेकर मुख्य कारखाना प्रबंधक के घेराव की चेतावनी दी है।

सोशल डिस्टेंस का पालन नहीं
डब्ल्यूआरएस क्षेत्र में रहने वाले कर्मचारियों और उनके परिवार के लोग पार्षद से गुहार लगाते हुए बताया कि रेलवे कारखाना में लगभग 1600 कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। इनके अलावा 400 से अधिक ठेका कर्मी कार्यरत है जो ग्रुप में काम करते हैं। इसी वजह से कर्मचारी संक्रमित हो रहे हैं, क्योंकि सोशल डिस्टेसिंग का पालन नहीं होता है।

सभी सेक्शनों में कोरोना पॉजिटिव के केस बढ़े
वैगन रिपेयर शॉप में बॉडी वन, बॉडी टू, बोगी, व्हील, फिटिंग, सीबीसीए एयर ब्रेक जैसे कई सेक्शन है जहां प्रत्येक सेक्शन के कई कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। वही बॉडी वन से त्रिलोचन साहू, बॉडी टू से राजू एवं स्टोर से एक कर्मचारी की कोरोना से मौत हो चुकी है। इससे कर्मचारियों में दहशत है। परिवार के लोग घबराए हुए हैं।

रेलवे कारखाना को कंटेनमेंट जोन घोषित किया जाए
वार्ड पार्षद विभार ने रेलवे कारखाना प्रबंधन और जिला प्रशासन से रेलवे कारखाना क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित करने की मांग की है। साथ ही पूरे आंकड़े जिला प्रशासन और औद्योगिक सुरक्षा आयुक्त को भेजा जाए, क्योंकि सैकड़ों कर्मचारियों से एक साथ दबावपूर्वक काम लिया जा रहा है जिसकी उच्चस्तरीय शिकायत मुख्यमंत्री और श्रम मंत्री एवं कलेक्टर से की जाएगी।

Updated on:
11 Apr 2021 08:19 pm
Published on:
11 Apr 2021 08:05 pm