रायपुर

West Asia Conflict: युद्ध के असर से थमने लगे 40 फीसदी ट्रकों के पहिए, चावल से लेकर टाइल्स का कारोबार प्रभावित

West Asia Conflict: आयात-निर्यात पर असर पड़ने से ट्रकों से माल की आवक जावक कम हो गई है। खासतौर पर गैस आधारित फैक्टि्रयों, प्लास्टिक इंडस्ट्रीज और माल के उत्पाद के परिवहन पर असर पड़ा है।

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Mar 20, 2026
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से थमने लगे 40 फीसदी ट्रकों के पहिए (phot oAI)

West Asia Conflict: @ राकेश टेम्भुरकर। पश्चिम एशिया में पिछले 20 दिन से जारी संघर्ष के चलते ट्रकों के पहिए धीरे-धीरे थमने लगे हैं। बंदरगाह में गिनती के पानी जहाजों का संचालन करने के कारण 40 फीसदी तक ट्रकों का संचालन थम गया है। छत्तीसगढ़ से खाड़ी के देशों, अफ्रीकन देशों के साथ होने वाले चावल, टाइल्स,लोहा और ड्राई फ्रूट का कारोबार होता है लेकिन, युद्ध के चलते बंदरगाहों में अघोषित बंद के चलते माल परिवहन प्रभावित हुआ है।

ट्रांसपोर्टरों और कारोबारियों का कहना है कि युद्ध अधिक दिनों तक चलने पर आयात-निर्यात पर असर पड़ने से ट्रकों से माल की आवक जावक कम हो गई है। खासतौर पर गैस आधारित फैक्टि्रयों, प्लास्टिक इंडस्ट्रीज और माल के उत्पाद के परिवहन पर असर पड़ा है। क्रेडिट में कारोबार करने वाले व्यापारी युद्ध के हालात में ज्यादा माल नहीं मंगा रहे हैं, क्योंकि आर्डर देने के बाद भी आपूर्ति प्रभावित हुई है।

वहीं भेजे गए माल भी बंदरगाह में डंप होने की जानकारी मिलने पर अधिकांश उद्योगपति और कारोबारी जोखिम नहीं उठाना चाह रहा है। ऑल इंडिया मोटर कांग्रेस के छत्तीसगढ़ प्रभारी सुखदेव सिंह सिध्दू ने बताया कि युद्ध के चलते कारोबार प्रभावित होने से ट्रांसपोर्टरों पर सबसे ज्यादा असर पडा़ है। इससे ट्रांसपोर्टरों को लोन की किस्त, टैक्स, इंश्योरेंस, कर्मचारियों की तनख्वाह के साथ ही कारोबार पर दबाव बढ़ रहा है। अन्य राज्यों से आने वाले माल वाहकों की संख्या भी कम होती जा रही है। मालवाहक वाहनों को काम नहीं मिलने से अधिकांश ट्रकों के पहिए थमने लगे हैं।

चावल का निर्यात ठप

ऑल इंडिया राइस मिल एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष योगेश अग्रवाल ने बताया कि छत्तीसगढ़ से मिडिल ईस्ट और अफ्रीकन देशों को हर साल 20 लाख टन चावल भेजा जाता है लेकिन, ईरान युद्ध के कारण 20 फीसदी से ज्यादा का कारोबार प्रभावित हुआ है। शिप के नहीं जाने से बंदरगाह में चावल के डंप होने की आशंका के चलते कोई भी राइस मिलर चावल भेजने से परहेज कर रहे हैं। वहीं हमले की आशंका को देखते हुए अधिकांश राइस मिलर जोखिम नहीं उठाना चाह रहे हैं।

कीमतों में इजाफा

युद्ध के कारण मिडिल ईस्ट और दुबई से स्क्रैप नहीं आने के कारण स्टील की कीमतों में करीब 2000 रुपए प्रति टन का इजाफा हुआ है। स्पंज आयरन एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ मनीष मंडल ने बताया कि स्टील उद्योग पर असर नहीं पड़ा है। कमर्शियल गैस नहीं मिलने के कारण प्रोडेक्शन प्रभावित हुआ है। स्थानीय खपत के जरिए कारोबार चल रहा है।

प्रदेश में बडे़ मालवाहकों की संख्या --- 25000
रायपुर संभाग में बडे़ मालवाहकों की संख्या 9000

जिले में बडे़ मालवाहकों की संख्या --- 7000
ट्रांसपोर्टरों की संख्या शहर में करीब 1000

Updated on:
20 Mar 2026 06:04 pm
Published on:
20 Mar 2026 06:03 pm
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