
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (ANI)
Dial 112 expansion in Chhattisgarh: प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की किल्लत के बीच डायल 112 की आपातकालीन सेवाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है। डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने जानकारी दी है कि अब डायल 112 की सुविधा, जो पहले 16 जिलों में संचालित थी, उसे पूरे प्रदेश में विस्तार दिया जा रहा है। इसी क्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 18 मई को रायपुर पुलिस लाइन से डायल 112 की 400 गाड़ियों को हरी झंडी दिखाएंगे, जबकि 33 जिलों के लिए 33 सर्वसुविधा युक्त वाहन रवाना किए जाएंगे।
साथ ही राज्य को फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री की स्थापना की सौगात मिलने की भी संभावना है। बता दें कि प्रशासन और पुलिस की निगरानी में इन वाहनों को नियमित रूप से ईंधन उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि किसी भी स्थिति में आपात सेवाओं पर असर न पड़े।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 18 मई को बस्तर दौरे के दौरान वीर शहीद गुंडाधुर के गांव नेतानार पहुंचेंगे। 19 मई को प्रस्तावित मध्य क्षेत्रीय परिषद की अहम बैठक से पहले शाह का यह दौरा राजनीतिक और रणनीतिक दोनों दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खास बात यह है कि एक समय नक्सल प्रभाव के लिए पहचाने जाने वाले नेतानार में अब देश के गृहमंत्री का कार्यक्रम होने जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, अमित शाह 18 मई को जगदलपुर एयरपोर्ट पहुंचने के बाद वायुसेना के विशेष हेलीकॉप्टर से सीधे नेतानार रवाना होंगे। इसके लिए गांव में युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। हेलीपेड निर्माण से लेकर सुरक्षा और आवागमन तक की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। नेतानार स्थित सीआरपीएफ कैंप में शाह का मुख्य कार्यक्रम प्रस्तावित है, जहां वे ग्रामीणों और धुरवा समाज के लोगों से मुलाकात करेंगे।
19 मई को बस्तर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इसमें छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री शामिल होंगे। इसकी तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को मंत्रालय में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान अधिकारियों ने प्रस्तुतीकरण (पीपीटी) के माध्यम से राज्य सरकार द्वारा परिषद की बैठक में उठाए जाने वाले विभिन्न विषयों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी।
बैठक का मुख्य फोकस नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और नक्सल नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने की रणनीति पर रहेगा। पिछले कुछ समय में बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा बलों को लगातार सफलता मिली है, जिसके चलते नक्सली गतिविधियों में कमी दर्ज की गई है। सरकार अब सुरक्षा अभियानों के साथ-साथ विकास योजनाओं को भी तेजी से आगे बढ़ाने पर जोर दे रही है। माना जा रहा है कि सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, मोबाइल नेटवर्क और रोजगार से जुड़ी योजनाओं पर भी इस बैठक में विशेष चर्चा होगी।
Updated on:
16 May 2026 04:50 pm
Published on:
16 May 2026 04:50 pm
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