प्रदेश के आठ ऑटोनोमस कॉलेजों में सेमेस्टर सिस्टम के अनुसार पढ़ाई कर रहे छात्र अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। इन 8 कॉलेजों के 2500 से ज्यादा छात्र परीक्षा के बाद पुर्नमूल्यांकन व पुर्नगणना नहीं करवा पा रहे हैं। इस वजह से सैकड़ों छात्रों को बैक विषय की या तो उन्हें ईयर बैक की परीक्षा देनी पड़ी। इस संबंध में उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भी छात्रों की मदद नहीं की। नियमों के फेर में फंसे छात्रों को अब साल खराब होने का डर सता रहा है।
रायपुर। प्रदेश के आठ ऑटोनोमस कॉलेजों में सेमेस्टर सिस्टम के अनुसार पढ़ाई कर रहे छात्र अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। इन 8 कॉलेजों के 2500 से ज्यादा छात्र परीक्षा के बाद पुर्नमूल्यांकन व पुर्नगणना नहीं करवा पा रहे हैं। इस वजह से सैकड़ों छात्रों को बैक विषय की या तो उन्हें ईयर बैक की परीक्षा देनी पड़ी। इस संबंध में उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भी छात्रों की मदद नहीं की। नियमों के फेर में फंसे छात्रों को अब साल खराब होने का डर सता रहा है।
केस स्टडी
पुर्नमूल्यांकन नहीं करना गलत छत्तीसगढ़ कॉलेज में बीए में पढ़ने वाले छात्र ने दीनू ने बताया, कि वह बीए प्रथम वर्ष का छात्र है। परीक्षा में उसने अच्छा पेपर साल्व किया, लेकिन उसका परिणाम फेल आया है। कॉलेज प्रबंधन से कॉपी का पुर्नमूल्यांकन करने के लिए कहा, तो उन्होंने मना कर दिया।
इन महाविद्यालयों में लागू है सेमेस्टर सिस्टम
शासकीय नागार्जुन कॉलेज, रायपुर। - शासकीय छत्तीसगढ़ कॉलेज, रायपुर। - शासकीय डिग्री कॉलेज, रायपुर। - शासकीय साइंस कॉलेज, दुर्ग। - शासकीय दिग्विजय कॉलेज, राजनांदगांव। - शासकीय साइंस कॉलेज, बिलासपुर। - शासकीय बिलासा कॉलेज, बिलासपुर। - शासकीय साइंस कॉलेज, अंबिकापुर।