
QR Code Fraud Raipur: छत्तीसगढ़ के रायपुर में एक चौंकाने वाला धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जहां एक निजी फर्म के कर्मचारी ने अपने ही संस्थान के साथ विश्वासघात करते हुए ग्राहकों से भुगतान अपने निजी QR कोड पर ट्रांसफर करवा लिया। इस पूरी घटना में करीब 1.43 लाख रुपए की ठगी की गई है। कोतवाली थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जबकि आरोपी फिलहाल फरार बताया जा रहा है।
शैलेन्द्र नगर निवासी गौरव डागा ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस के अनुसार, कोतवाली चौक स्थित यूनिवर्सल सर्विसेस में कार्यरत कर्मचारी शुभम देवांगन ने 18 मार्च से 6 अप्रैल के बीच इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया। वह फर्म का भरोसेमंद कर्मचारी था, जिसका फायदा उठाते हुए उसने ग्राहकों को गुमराह किया।
आरोपी कर्मचारी ने इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदने आए ग्राहकों से फर्म के अधिकृत QR कोड की जगह अपने निजी QR कोड से भुगतान कराने की चाल चली। इस दौरान अलग-अलग दिनों में कुल 1 लाख 43 हजार 900 रुपए अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए। ग्राहकों को इस बात की जानकारी नहीं थी कि वे गलत खाते में पैसे भेज रहे हैं।
जब फर्म के खाते में अपेक्षित राशि जमा नहीं हुई, तब संचालक को संदेह हुआ। इसके बाद ग्राहकों से संपर्क किया गया, जिन्होंने बताया कि उन्होंने भुगतान कर दिया है और आरोपी द्वारा दिया गया QR कोड दिखाया। जांच में सामने आया कि वह कोड फर्म का नहीं, बल्कि कर्मचारी का निजी QR कोड था।
मामले का खुलासा होते ही कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए तलाश तेज कर दी है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है, हालांकि फिलहाल आरोपी फरार बताया जा रहा है।
यह घटना एक बार फिर यह साफ करती है कि डिजिटल भुगतान करते समय लापरवाही भारी पड़ सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी भुगतान से पहले QR कोड की सही पहचान करना और प्राप्तकर्ता के नाम की पुष्टि करना बेहद जरूरी है। छोटी-सी चूक भी बड़ी धोखाधड़ी का कारण बन सकती है, इसलिए सतर्कता ही ऐसे मामलों से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है।