CG Fraud News: इन दिनों साइबर ठग राष्ट्रीयकृत बैंकों की हूबहू नकल वाली फर्जी वेबसाइट बनाकर ग्राहकों से ऑनलाइन ठगी कर रहे हैं।
CG Fraud News: यदि आपका खाता देश के सबसे भरोसेमंद स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) या सेंट्रल बैंक में है, तो सतर्क हो जाइए। इन दिनों साइबर ठग राष्ट्रीयकृत बैंकों की हूबहू नकल वाली फर्जी वेबसाइट बनाकर ग्राहकों से ऑनलाइन ठगी कर रहे हैं। केवाईसी अपडेट समेत अन्य बहानों से भेजे जा रहे लिंक के जरिए निजी बैंकिंग जानकारी चुराई जा रही है।
राज्यभर में बीते एक महीने के भीतर 100 से अधिक ठगी और ठगी की कोशिशों की शिकायतें साइबर पुलिस तक पहुंची हैं। बढ़ते खतरे को देखते हुए SBI ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने करोड़ों ग्राहकों को अलर्ट रहने की अपील की है।
ठग व्हाट्सएप, मैसेज या ई-मेल के जरिए एक लिंक भेजते हैं। संदेश में लिखा होता है- आपका खाता बंद होने वाला है, केवाईसी अपडेट नहीं किया तो सेवा रोक दी जाएगी। ग्राहक जैसे ही डर या जल्दबाजी में लिंक पर क्लिक करता है, एक पेज खुलता है जो बिल्कुल SBI की आधिकारिक वेबसाइट जैसा दिखता है। वहां यूजर आईडी, पासवर्ड या ओटीपी भरने को कहा जाता है। जानकारी मिलते ही ठग खाते तक पहुंच बना लेते हैं और कुछ ही मिनटों में रकम उड़ा देते हैं।
साइबर सेल के अनुसार इन फर्जी वेबसाइटों का एकमात्र उद्देश्य ग्राहकों की गोपनीय बैंकिंग जानकारी चुराना है। यूजरनेम, पासवर्ड या ओटीपी मिलते ही न सिर्फ खाते से पैसे निकाले जाते हैं, बल्कि निजी जानकारी का भी दुरुपयोग किया जाता है।
यदि आपने गलती से किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक कर दिया है या अपनी बैंकिंग जानकारी साझा कर दी है, तो बिना समय गंवाए तुरंत नेट बैंकिंग का पासवर्ड और पिन बदलें। इसके बाद संबंधित बैंक को सूचना देकर खाते और डेबिट/क्रेडिट कार्ड को ब्लॉक करवाएं, ताकि किसी भी तरह की आगे की वित्तीय क्षति को रोका जा सके। साथ ही, पूरे मामले की शिकायत सरकारी साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज कराएं, जिससे ठगी की रकम की रिकवरी और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
साइबर ठगी से बचाव के लिए जरूरी है कि किसी भी अनजान या संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। ध्यान रखें, बैंक कभी भी फोन कॉल, मैसेज या ई-मेल के जरिए ओटीपी, पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी नहीं मांगता। हमेशा बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत मोबाइल ऐप का ही उपयोग करें। निष्कर्षतः, सतर्कता और जागरूकता ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।