रायपुर

देश के राज्यों की राजधानियों में रायपुर में सबसे कम एक्टिव मरीज, 6 बिंदुओं में जानें कैसे काबू में हुआ संक्रमण

Raipur Coronavirus Update: कोरोना महामारी (Corona Pandemic) के दौर में राजधानी समेत प्रदेश के लिए जून काफी राहत भरा साबित हो रहा है। देश के करीब-करीब सभी राज्यों की राजधानियों में रायपुर में कोरोना के सबसे कम एक्टिव मरीज (Corona Acitive patients in Raipur) बचे हैं।

2 min read
Jun 09, 2021
Feature image

रायपुर. Raipur Coronavirus Update: कोरोना महामारी (Corona Pandemic) के दौर में राजधानी समेत प्रदेश के लिए जून काफी राहत भरा साबित हो रहा है। देश के करीब-करीब सभी राज्यों की राजधानियों में रायपुर में कोरोना के सबसे कम एक्टिव मरीज (Corona Active Patient) बचे हैं। अप्रैल के मध्य में महाराष्ट्र के बाद रायपुर में ज्यादा एक्टिव मरीज हो गए थे।

मध्यप्रदेश, झारखंड, चंडीगढ़, बिहार समेत कई राज्यों की राजधानियों में रायपुर से अब तक काफी कम कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं, लेकिन एक्टिव मरीजों की संख्या ज्यादा बनी हुई है। रायपुर में अब तक (7 जून) 156446 कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं, जिसमें से 152750 अस्पतालों व होम आइसोलेशन में रहकर ठीक हो चुके हैं। 3115 की मृत्यु हुई है, लेकिन राहत की बात है कि सिर्फ 581 एक्टिव मरीज बचे हैं। इनमें से 70-80 फीसदी होम आइसोलेशन में रहकर इलाज करा रहे हैं। वर्तमान समय में औसतन रोजााना 40-50 मरीज मिल रहे हैं।

वहीं, पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में 122082 कोरोना केस मिले हैं, जिसमें से 2042 एक्टिव हैं। झारखंड की राजधानी रांची में 84821 कोरोना संक्रमितों में से 1489, उत्तरप्रदेश के लखनऊ में 237858 में से 777 तथा महाराष्ट्र के मुंबई में 711373 में 17591 एक्टिव केस हें। केंद्र शासित प्रदेश दमन और द्वीव की राजधानी दमन में रायपुर से कम एक्टिव मरीज हैं। यहां पर अब तक 3428 केस मिले हैं, जिसमें 75 एक्टिव हैं।

महामारी नियंत्रक कार्यक्रम व प्रवक्ता स्वास्थ्य विभाग के संचालक डॉ. सुभाष मिश्रा ने कहा, राजधानी समेत प्रदेश में कोरोना की रफ्तार काफी धीमी हो गई है, जो राहत की बात है। प्रदेश में औसतन रोजाना 60 हजार से अधिक सैंपल जांच की जा रही है। कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग के दौरान जो भी संदिग्ध मिलता है, उसकी तुरंत जांच कराकर इलाज की व्यवस्था की जाती है।

रायपुर में कोरोना संक्रमण ऐसे हुआ काबू
1. शासन ने लॉकडाउन लगाया, जिससे कोरोना की चेन टूटी।
2. शादी व अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में लोगों की सीमित संख्या तय की।
3. प्रशासन ने मितानिनों के माध्यम से दवाओं का किट पहुंचाया, जिससे लोग घर से बाहर नही निकलें।
4. लोगों ने वैक्सीन लगवाई और मास्क का उपयोग बढ़ाया।
5. लॉकडाउन से बाजारों-दुकानों पर भीड़ न होने से आपसी संपर्क कम रहा।
6. शासन ने कोरोना जांच की क्षमता बढ़ाई तथा कॉन्ट्रेक्ट ट्रेसिंग पर जोर दिया।

Published on:
09 Jun 2021 01:52 pm