
छत्तीसगढ़ में BMS का बड़ा ऐलान (photo source- Patrika)
Chhattisgarh: रायपुर स्थित भारतीय मजदूर संघ (भामसं) के प्रदेश कार्यालय में छत्तीसगढ़ प्रदेश कार्यसमिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष शोभा सिंह देव ने की। इस दौरान संगठन के राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों ने संगठन विस्तार, श्रमिक हितों और आगामी आंदोलनों को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। बैठक में भारतीय मजदूर संघ के अखिल भारतीय मंत्री राधेश्याम जैसवाल, क्षेत्रीय संगठन मंत्री सी.वी. राजेश, अखिल भारतीय सह मंत्री एवं प्रदेश महामंत्री दिनेश पांडे, अखिल भारतीय सह मंत्री गिरजा शंकर आचार्य, कार्यकारी अध्यक्ष शंकध्वनि सिंह बनाफर सहित प्रदेश कार्यसमिति के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान संगठन को और अधिक मजबूत एवं सक्रिय बनाने के उद्देश्य से सर्वसम्मति से शंकध्वनि सिंह बनाफर को भारतीय मजदूर संघ छत्तीसगढ़ प्रदेश का महामंत्री मनोनीत किया गया। इस अवसर पर उपस्थित पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत करते हुए विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में संगठन नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा और श्रमिकों के हितों की लड़ाई को और मजबूती मिलेगी।
कार्यसमिति बैठक में प्रदेश के प्रत्येक जिले और औद्योगिक क्षेत्रों में संगठन के विस्तार को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। पदाधिकारियों को श्रमिकों के बीच नियमित संपर्क बढ़ाने और संगठनात्मक गतिविधियों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए। संगठन के प्रशासनिक और कार्यालयीन कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए टाटा बाबु राव को भारतीय मजदूर संघ छत्तीसगढ़ प्रदेश का कार्यालय प्रभारी मनोनीत किया गया। संगठन ने उम्मीद जताई कि उनके अनुभव का लाभ संगठन को मिलेगा।
बैठक में श्रमिकों की समस्याओं और अधिकारों को लेकर प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन खड़ा करने का फैसला लिया गया। कार्यसमिति ने लगभग एक लाख श्रमिकों की भागीदारी के साथ विशाल आक्रोश रैली आयोजित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। इसके अलावा श्रमिक जागरण, संगठन विस्तार और संपर्क अभियानों को तेज करने के लिए कार्यशालाओं के आयोजन पर भी सहमति बनी।
भारतीय मजदूर संघ छत्तीसगढ़ प्रदेश का भव्य प्रदेश स्तरीय अधिवेशन आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया। संगठन का मानना है कि इससे प्रदेशभर के श्रमिकों को एक मंच पर लाने और उनकी समस्याओं पर व्यापक चर्चा करने का अवसर मिलेगा।
कार्यसमिति ने निर्णय लिया कि संगठन अब केवल पारंपरिक क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेगा। परिवहन क्षेत्र, ठेका श्रमिकों, सफाई कर्मचारियों, गिग एवं प्लेटफॉर्म वर्कर्स तथा असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों तक व्यापक स्तर पर पहुंच बनाकर उनकी समस्याओं को उठाया जाएगा। इन वर्गों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे।
बैठक में उपस्थित सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने श्रमिक हित, राष्ट्रहित और संगठन हित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य करने का संकल्प दोहराया। साथ ही प्रदेशभर के श्रमिकों से संगठन के साथ जुड़कर श्रमिक एकता को मजबूत करने तथा आगामी आंदोलनों और कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया गया।
Published on:
13 Jun 2026 07:12 pm
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