
छत्तीसगढ़ की चारू पांडेय अपने माता पिता के साथ ( Photo - patrika )
Charu Pandey Success Story: छत्तीसगढ़ की सुपर गर्ल चारु पांडये ने ऐसा मुकाम हासिल किया है, जो लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया है। अक्सर 20 से 25 साल की उम्र में युवा अपने करियर को लेकर चिंतित रहते हैं कि उन्हें सफलता के लिए आगे क्या किया जाए। ऐसे हालात में 23 साल की उम्र में चारु पांडेय (Charu Pandey) ने एक नहीं दो नहीं बल्कि 19 सरकारी नौकरी की परिक्षाएं पास कर इतिहास रच दिया। एसएससी, आईबीपीएस, बैंकिंग समेत कई प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं को पास कर ये साबित कर दिया कि दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत और सही रणनीति के दम पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
इस सफलता के साथ उन्होंने अपने नाम एक नया रिकॉर्ड बना लिया है। वहीं उनकी इसी असाधारण उपलब्धि के लिए आगामी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उन्हें गोल्ड मेडल से सम्मानित करेंगी। बता दें कि छत्तीसगढ़ ( Chhattisgarh news ) के तिल्दा (रायपुर) की रहने वालीं चारू पांडेय के पिता प्रवीण कुमार पांडेय पेशे से एक शिक्षक (टीचर) हैं। इस सफलता पर पिता ने बताया कि बेटी किस तरह से शुरुआत से ही आगे रहीं है।
चारू पांडेय के पिता प्रवीण कुमार पांडेय ने बताया कि बेटी बचपन से ही पढ़ाई में होशियार है। अपनी दादी के साथ ही ज्यादा समस बिताती थी। मेरी मां भी हर दिन तीन से चार घंटा कुछ न कुछ बुक लेकर पढ़ती रहती। याद है जब केजी वन में थी। जब स्कूल से आई तब जितना बुक मिला था, सभी को बच्चे बनाकर बैठा दिए, अपनी दादी को भी स्टूडेंट बना दी। इस दौरान देखा कि पढ़ाई को लेकर बेटी में किस तरह की उत्सुकता, अनुशासन है। वहीं आज अपने इसी अनशासन के चलते पढ़ाई में नया मुकाम हासिल कर सभी को हैरान कर दिया।
चारु पांडे ने अपनी शुरुआती स्कूली शिक्षा तिल्दा नेवरा से पूरी की। इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए हेमचंद यादव विश्वविद्यालय में दाखिला लिया, जहां से उन्होंने गणित विषय में बैचलर ऑफ साइंस (बीएससी) की डिग्री हासिल की। पढ़ाई पूरी करने के बाद चारु ने सरकारी नौकरी पाने का लक्ष्य तय किया और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुट गईं. कड़ी मेहनत, अनुशासन और लगातार प्रयासों का ही नतीजा रहा कि उन्होंने एक के बाद एक कई प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की।
एक इंटरव्यू में चारु ने बताया कि मेरा पूरा फोकस सरकारी नौकरी पर था, एक एक एग्जाम क्लीयर होने के बाद मैंने कभी ये यकीन नहीं किया था कि राष्ट्रपति से सम्मान मिलेगा। फायनेंस डिपार्टमेंट में जाना मेरा सपना था। इस दौरान मुझे बैंकिंग की परीक्षाओं को पास करने में ज्यादा मेहनत करना पड़ा। बताया कि वे दिन में 19 से 20 घंटे की पढ़ाई करते थे। बैंकिंग की परीक्षाओं के लिए रात में एक्ट्रा पढ़ाई करती थी। इस दौरान माता पिता को 110 प्रतिशत सपोर्ट मिला।
चारु ने SSC CGL, SSC CHSL, SSC MTS, IBPS PO, SSC GD, SSC CPO, NET-JRF, SBI Clerk, CGTET, RRB Group D, RRB NTPC, CG SI, Delhi Police, CG NHM और Transport Sub Inspector जैसी कई बड़ी परीक्षाएं क्वालिफाई की हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने साल 2023 में फिर से SSC CGL, SSC CHSL, SSC MTS और RRB Group D जैसी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
महज 23 साल की उम्र में अनोखा रिकॉड अपने नाम करने के बाद चारु पांडये आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बनकर सामने आई है। (Charu Pandey Success Story) इस सफलता के पीछे के राज को शेयर किया है। बताया कि सफलता तभी मिलेगी जब आपका पूरा फोकस पढ़ाई में रहेगा। आप सिर्फ सिलेबस पूरा करना है ये सोच कर पढ़ाई नहीं करें बल्कि जो पढ़ रहे हैं उसे 100 प्रतिशत तक पूरा करें। जरूरी नहीं है कि सिलेबस पूरा हो। जहां तक पढ़ें है उसे ही स्ट्रॉग बनाए।
Updated on:
13 Jun 2026 04:06 pm
Published on:
13 Jun 2026 04:00 pm
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