दुधनियाकला में चुनाव बहिष्कार का ऐलान , पीडब्ल्यूडी तकनीकी टीम पहुंची और 15 साल से जर्जर व कच्ची सड़क का डामरीकरण कराने सर्वे शुरू हुआ। फिर करीब छह घंटे बाद दोपहर एक बजे से मतदान शुरू हुआ।
बैकुंठपुर. त्रिस्तरीय पंचायत उप-चुनाव के वोटिंग के दिन सोमवार को दुधनियाकला में चुनाव बहिष्कार का ऐलान और वोटर्स की जिद के आगे जनप्रतिनिधि और अफसर झुक गए। तुरंत पीडब्ल्यूडी तकनीकी टीम पहुंची और 15 साल से जर्जर व कच्ची सड़क का डामरीकरण कराने सर्वे शुरू हुआ। फिर करीब छह घंटे बाद दोपहर एक बजे से मतदान शुरू हुआ।
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत उरुमदुगा में जिला पंचायत सदस्य व एक पंच पद के लिए उप-चुनाव हुआ। उरुमदुगा के दुधनियाकला के आक्रोशित ग्रामीण मतदान केंद्र पहुंचे और चुनाव का बहिष्कार करने ऐलान कर दिया। मतदान नहीं करने की बात कहकर करीब 300 मीटर दूर दरी बिछाकर धरने पर बैठ गए। चुनाव बहिष्कार की बात से प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले में संसदीय सचिव अंबिका सिंहदेव, एसडीएम अंकिता सोम, पुलिस अफसर बड़ी संख्या में पहुंचे। ग्रामीणों ने साफ कहा कि एनएच-43 से ग्राम दुधनिया तक करीब 3.50 किलोमीटर पक्की सड़क चाहिए। हमारी मांग पूरी करिए, फिर मतदान में हम हिस्सा लेंगे। मामले में रिकॉर्ड खंगालने पर दुधनियाकला जाने वर्ष 2008 में डब्ल्यूबीएम (गिट्टी-मुरुम) सड़क बनी थी। उसके बाद पिछले 15 साल से सड़क बनाने कोई ध्यान नहीं दिया। जिससे ग्रामीण उबड़-खाबड़ सड़क से चलने को मजबूर हैं। मामले में मान मनौव्वल, समझाइश और आश्वासन के बाद वोटर्स ने अपने मताधिकार का प्रयोग करने राजी हुए। गांव की मतदाता सूची में 401 वोटर्स के नाम दर्ज हैं। फिर दोपहर करीब एक बजे से दुधनियाकला में वोटिंग शुरू हुई। जबकि वोटिंग का समय सुबह 7 बजे निर्धारित थी। हालाकि महज दो घंटे दोपहर 1 से 3 बजे तक 67 फीसदी वोटिंग हुई। जिसमें 140 पुरुष व 132 महिला वोटर्स ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है।
अनुपूरक बजट में सड़क शामिल, इधर दोबारा सर्वे
जानकारी के अनुसार एनएच-43 से दुधनियाकला गांव तक करीब 3.50 किलोमीटर कच्ची सड़क का डामरीकरण कराने अनुपूरक बजट में प्रावधान है। लेकिन बजट मिलने के बाद सड़क निर्माण कार्य आगे बढ़ेगा। वहीं आनन-फानन में पीडब्ल्यूडी की तकनीकी टीम पहुंची और तत्काल सड़क का सर्वे करने में जुटी। सड़क निर्माण कराने इस्टीमेट बनाने सहित अन्य रिपोर्ट तैयार करेगी।
&वर्ष 2008 में मनरेगा से डब्ल्यूबीएम सड़क बनी थी। उसके बाद से पक्कीकरण नहीं हुआ। इसी बात को लेकर ग्रामीण मतदान का विरोध कर रहे थे। मान मनौव्वल व समझाइश के बाद बहिष्कार का निर्णय वापस लिया और अपने मताधिकार का प्रयोग किया है।
अंकिता सोम, एसडीएम, बैकुंठपुर