रायपुर

RTE Admission: स्कूलों में दूसरे चरण के तहत प्रवेश जारी, 5 हजार सीटें खाली

RTE Admission: आरटीई की सीटें रिक्त रह जाएंगी, क्योंकि दाखिले और चयनित दोनों के आंकडों को देखा जाए तो लगभग 5 हजार सीटें रिक्त बचेंगी। प्रवेश प्रक्रिया के बाद यह संख्या और बढ़ भी सकती है।
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Aug 05, 2025
RTE Admission: स्कूलों में दूसरे चरण के तहत प्रवेश जारी, 5 हजार सीटें खाली
RTE के दूसरे चरण के तहत प्रवेश जारी (Photo Patrika)

RTE Admission: शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू है। दूसरे चरण के तहत प्रवेश जारी है। राज्य में आरटीई की कुल 53 हजार 415 सीटें हैं जिनमें से 41 हजार 441 सीटों में दाखिले हुए हैं। वही चयनित 6974 विद्यार्थी प्रवेश लेंगे। इसके साथ ही रायपुर की कुल 5203 सीटों में से अभी तक 4134 सीटों में दाखिले हो चुके हैं। चयनित 705 हैं।

ऐसे में देखा जाए तो यह साफ हो जाता है कि पिछले साल की तरह ही इस साल भी आरटीई की सीटें रिक्त रह जाएंगी, क्योंकि दाखिले और चयनित दोनों के आंकडों को देखा जाए तो लगभग 5 हजार सीटें रिक्त बचेंगी। प्रवेश प्रक्रिया के बाद यह संख्या और बढ़ भी सकती है। प्रवेश नियम में खामी समेत कई कारणों से पिछले साल की तरह ही इस साल भी आरटीई की सीटें खाली रह जाएगी। पहले चरण में रायपुर में आरटीई प्रवेश के लिए 4510 आवेदन चयनित किए गए थे और 425 सीटें रिक्त रह गई थी। अभी दूसरे राउंड के बाद भी लगभग 365 सीटें रिक्त हैं। दूसरे चरण में चयनित छात्र-छात्राओं को 10 अगस्त तक प्रवेश लेना होगा।

इन कारणों से खाली रह जाती हैं सीटें

कई स्कूल शहर या बसाहट से दूर हैं इस कारण कई बच्चे प्रवेश लेना नहीं चाहते हैं।

छात्र-छात्राएं हिन्दी मीडियम स्कूल में प्रवेश लेना नहीं चाहते हैं। इस कारण भी सीटें खाली रह जाती हैं।

सामाजिक परिवेश के कारण भी सीटें खाली रह जाती हैं। कई परिवार वालों को अंग्रेजी का ज्ञान न होने के कारण वे स्कूल में प्रवेश लेेने के बाद भी नाम वापस ले लेते हैं।

प्रवेश नियम में खामी से भी सीटें खाली रह जाती हैं। नियम के अनुसार, 2011 की गरीबी रेखा सूची को माना जाता है लेकिन ये सूची काफी पुरानी होने के कारण ऐसे कई परिवार जिनके लिए प्रवेश जरूरी है वे इसमें आवेदन नहीं कर पाते हैं।

पिछले साल थी 8 हजार सीटें खाली

बीते सत्र में प्रदेश भर के 6,749 निजी स्कूलों में 54,367 सीटें थी। इनमें 46,219 सीटों में दाखिला हुआ। जबकि 8,000 सीटें खाली रह गईं। वहीं, एक लाख 22 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे। फिर भी सीटें नहीं भर पाई। यह स्थिति तब बनी है, जब सीटों की संया से दोगुने आवेदन आए थे। वहीं, रायपुर जिले में लगभग 1,000 सीटें खाली रह गई थीं।

Published on:
05 Aug 2025 10:52 am