पार्टी सूत्रों के मुताबिक अजीत जोगी अपनी बहू ऋचा जोगी को बसपा उम्मीदवार के तौर पर चुनाव में उतारने की तैयारी कर रहे हैं।
रायपुर/बिलासपुर. छत्तीसगढ़ में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ और बहुजन समाज पार्टी के गठबंधन के बीच एक नई रणनीति पर चर्चा चल रही है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक अजीत जोगी अपनी बहू ऋचा जोगी को बसपा उम्मीदवार के तौर पर चुनाव में उतारने की तैयारी कर रहे हैं। उन्हें अकलतरा सीट से उम्मीदवार बनाया जा सकता है। राजनीति में दो वर्षों से सक्रिय हुईं ऋचा फिलहाल राजनांदगांव विधानसभा क्षेत्र का काम देख रही हैं। वहां अजीत जोगी खुद उम्मीदवार हैं।
कहा जा रहा है कि यह नया गठबंधन करीब आधा दर्जन दूसरी सीटों पर भी अपने लोगों को हाथी पर सवार कर मैदान में ले आने की कोशिश में है।इसमें से चंद्रपुर जैसी कुछ सीटें भी हैं, जहां जकांछ पहले ही उम्मीदवार घोषित कर चुका है और गठबंधन के बाद वे सीटे बसपा के खाते में चली गई हैं।जकांछ प्रवक्ता भगवानू नायक ने फिलहाल ऐसी किसी फैसले की जानकारी से इन्कार किया है।बसपा के प्रदेश अध्यक्ष ओपी बाजपेयी ने कहा, अभी उनसे इस तरह की रणनीति पर कोई चर्चा नहीं हुई है।हालांकि उन्होंने यह भी कह दिया, बसपा के सिंबल पर लड़ने वाला तो बसपा का ही कहा जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के खिलाफ चुनाव लडऩे की घोषणा करने के बाद राजनांदगांव से उम्मीदवार बने अजीत जोगी एक सुरक्षित सीट की तलाश में हैं। बताया जा रहा है कि जोगी राजनांदगांव के साथ मरवाही से भी चुनाव लड़ेंगे। मौजूदा विधायक अमित जोगी को मनेंद्रगढ़ से चुनाव लड़ाया जा सकता है।
चंद्रपुर से गीतांजली पटेल, नवागढ़ से हरकिशन कुर्रे, कसडोल से परमेश्वर यदु बसपा के चिन्ह से जकांछ का चेहरा होंगे। लेकिन इनमें हरकिशन कुर्रे और परमेश्वर हाथी से लडऩे की बजाए हल को ही अपना चिन्ह बनाए रखना चाहते हैं।
जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ और बहुजन समाज पार्टी की ये कवायद है कि सभी 90 सीटों पर जिताऊ उम्मीदवार ही उतारे जाएं जिससे चुनाव में दूसरी पार्टी के प्रत्याशियों को कड़ी टक्कर दे सकें।जकांछ की योजना है कि उन सीटों पर जहां बसपा का आधार वोट मजबूत है और पार्टी के पास जिताऊ चेहरा नहीं वहां जकांछ के प्रत्याशी बसपा के सिंबल पर मैदान में उतरेंगे।
इससे जनता में यह भी संदेश जाएगा कि गठबंधन एकजुट और मजबूत है।यही वजह है कि दोनों पार्टियों ने कुछ सीटों पर फिर से बात की है और अब नए समीकरण के हिसाब से बसपा 30 पर और जकांछ 58 सीटों पर लड़ेगी, जबकि 2 सीटें सीपीआई को बस्तर में दे दी गई हैं।