
Farmers gathered in Palva after cleaning the fields
मुकेश साहू/राजनांदगाव. छत्तीसगढ़ के राजनांदगाव जिले का सबसे बड़ा विधानसभा क्षेत्र खैरागढ़, संगीत विश्वविद्यालय की वजह से पूरे एशिया में प्रसिद्ध है। यहां की 80 प्रतिशत आबादी खेती-किसानी व मजदूरी पर निर्भर है। यहां पर आजादी के बाद से सिंचाई के पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं हो सके हैं। इस बार के विधानसभा चुनाव में सिंचाई के सीमित संसाधन व किसानों की बदहाली मुख्य चुनावी मद्दा बन कर सामने आ रहा है।
लोगों ने बेबाकी से सामने रखी समस्या
जनता का मिजाज पता करने हम सबसे पहले पेन्ड्रीकला गांव पहुंचे। यहां पर पान ठेले के पास कुछ लोग एकत्रित होकर खेती-किसानी के संबंध में चर्चा कर रहे थे। हमने जब उनसे राजनीतिक चर्चा शुरू की तो वे चौंक गए। अखबार से होने की बात कहने पर लोगों ने बेबाकी से क्षेत्र के संबंध में चर्चा की।
हर घर में किसान
किसान बंशीलाल साहू ने कहा कि क्षेत्र में लगभग हर घर में किसान है। किसानी यहां का मुख्य व्यवसाय है, लेकिन आजादी के बाद से यहां पर सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने किसी भी सरकार ने विशेष पहल नहीं की। किसान गोंविद पाल ने कहा कि क्षेत्र में टमाटर की खेती अच्छी होती है, यहां बड़ी मात्रा में उत्पादन होने वाले टमाटर को सहेजने या इससे दूसरे प्रोडक्ट बनाने की कोई सुविधा नहीं है। कोल्ड स्टोरेज नहीं होने से किसानों को अपने पैदावारी को औने-पौने दाम में कोचियों को देना पड़ता है।
सड़़कें बनी पर रोजगार के साधन नहीं
हम खैरागढ़ की ओर आगे बढ़े। खैरागढ़ एन्ट्री होते ही तीन चार लोग पेड़ के छांव में खड़े हुए थे। यहां पर हमारी मुलाकात क्षेत्र के संडी निवासी भुनेश्वर पटेल से हुई। चर्चा में उन्होंने कहा कि पिछले 10-12 सालों में क्षेत्र में सड़क, यातायात और स्वास्थ्य सुविधा काफी बेहतर हुई है, लेकिन रोजगार के साधन उपलब्ध नहीं हुए हैं। सर्रागोंदी निवासी भरोसा राम वर्मा ने कहा कि सरकार की चावल बांटने व अन्य मुफ्त योजना की वजह से किसानों को समय पर मजदूर नहीं मिलते। इसकी वजह से खेती की ओर किसानों का रुझान कम हो रहा है।
कृषि से संबंधित उद्योग की जरुरत
हम लोग चाय की चुस्की लेने एक होटल में पहुंचे। यहां पर हमारी मुलाकात वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. जीवन यदु राही से हुई। उन्होंने बताया क्षेत्र के किसान बहुत मेहनती हैं, लेकिन सरकार की ओर से किसानों के लिए कुछ खास नहीं किया गया। क्षेत्र में कृषि से संबंधित उद्योग की कमी है। सरकार जगह-जगह स्कूल व प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा तो उपलब्ध करा रही है, लेकिन शिक्षक व डॉक्टरों की व्यवस्था नहीं कर पा रही है।
गौरव करने लायक कोई काम नहीं
खैरागढ़ स्थित सिविल न्यायालय में एक बुजुर्ग व वरिष्ठ वकील सुभाष सिंह से मुलाकत हुई। उन्होंने क्षेत्र के संबंध में बहुत सारी बातें बताई। वकील सुभाष सिंह ने भी सिंचाई से जुड़ी समस्या सामने रखते हुए बताया कि पुराने मध्यप्रदेश के समय क्षेत्र में कुछ विकास हुआ था। यहां पर सिंचाई के लिए कुछ प्रोजेक्ट पर काम हुआ था। इसके अलावा प्रधानपाठ बैराज, लक्ष्मण जलाशय प्रोजेक्ट को सरकार आगे बढ़ाने कोई पहल नहीं की। क्षेत्र का गौरव बढ़ाने यहां पर पिछले 20 सालों में कोई काम नहीं हुआ है।
Published on:
15 Oct 2018 08:00 pm
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