
क्राइम (फोटो सोर्स- Dreamstime)
CG Crime News: मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के केन्द्रीय एकलव्य आवासीय विद्यालय में आदिवासी छात्र-छात्राओं के साथ कथित तौर पर शारीरिक और मानसिक शोषण की घटना सामने आई है, जिसने प्रशासन और समाज को गहरे चिंता में डाल दिया है।
हाल ही में सामने आए मामले में नाबालिग छात्रों के साथ हीन भावना, अमानवीय व्यवहार और शारीरिक प्रताड़ना की घटनाएं घटीं। स्टंप से छात्रों की पिटाई और दो छात्राओं की ओर से खुदकुशी का प्रयास किए जाने की शिकायत सामने आने के बाद प्रशासन ने मामले की जांच कराई है। इस गंभीर मामले में विद्यालय के प्राचार्य और हॉस्टल अधीक्षक को हटा दिया गया है, वहीं चार शिक्षकों को नोटिस जारी किया गया है।
घटना के बाद जांच के लिए एक टीम गठित की गई, जिसमें अपर कलेक्टर जीआर मरकाम, डिप्टी कलेक्टर शुभांगिनी गुप्ता, एसडीएम हेमेंद्र भूआर्य, अंबागढ़ चौकी तहसीलदार अनुरिमा टोप्पो और आरआई तामेश्वरी पिस्दा शामिल थे।
जांच टीम का कहना है कि आत्महत्या के प्रयासों के मामले में विद्यालय से संबंधित कोई ठोस कारण सामने नहीं आया है। टीम ने इसे छात्राओं के व्यक्तिगत और पारिवारिक कारणों से जोड़ते हुए मामले को अलग तरीके से देखा है। लेकिन इस पर सवाल उठ रहा है कि इन छात्राओं को घर भेजने के बाद भी प्रशासन की ओर से कोई काउंसलिंग नहीं की गई, जिससे वे मानसिक रूप से मजबूत हो सकें और आत्महत्या जैसे कदम से बच सकें।
इसके अलावा छात्रों ने यह आरोप भी लगाया कि विद्यालय में छोटी-छोटी गलतियों पर उन्हें बेरहमी से पीटा जाता है और मानसिक रूप से अपमानित किया जाता है। यहां तक कि एक मामले में शिक्षकों ने छात्रों को निर्वस्त्र कर क्रिकेट स्टंप से पीटने का आरोप भी लगाया गया। इस मामले में पहले शिकायत की गई थी, लेकिन इसे दबा दिया गया था। अब, कलेक्टर की ओर से गठित जांच कमेटी ने इस मामले को उजागर किया है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार केन्द्रीय एकलव्य आवासीय विद्यालय में 420 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, जो विशेष रूप से आदिवासी समुदाय से हैं। यह विद्यालय वर्तमान में अंबागढ़ चौकी नगर क्षेत्र में संचालित हो रहा है, जबकि इसका मूल स्थान मानपुर-मोहला क्षेत्र है।
विद्यालय के मेनू और भोजन की गुणवत्ता को लेकर भी छात्रों ने शिकायत की थी। उनका कहना था कि मेनू के हिसाब से भोजन नहीं दिया जाता, जिससे उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इस मामले के बाद प्रशासन की ओर से छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए कड़े कदम उठाने की आवश्यकता जताई जा रही है।
मामला सामने आने पर बाल कल्याण समिति की टीम ने स्कूल और छात्रावास का निरीक्षण किया। छात्र-छात्राओं से बयान लिया गया है। बाल कल्याण समिति भी मामले में रिपोर्ट तैयार कर रही है।
जांच के आधार पर प्रिंसिपल और हॉस्टल अधीक्षक को हटा दिया गया है। मारपीट मामले में चार शिक्षकों को नोटिस थमाया है। जवाब का इंतजार कर रहे हैं। - जीआर मरकाम, अपर कलेक्टर एमएमएसी जिला
Published on:
17 Jan 2026 01:17 pm
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