
रायपुर/धमतरी. बैंकों में चेक बुक लेने समेत खातों में न्यूनतम बैलेंस नहीं रखने पर हिताहियों के खाते से धड़धड़ राशि काटी जा रही है। सूत्रों की मानें तो जिले के बैंकों में हर माह सर्विस चार्ज के नाम पर लाखों रुपए की लूट मची हुई है। अपने ही रकम पर बैंक द्वारा सर्विस चार्ज लेने से हितग्राहियों में रोष पनपने लगा है। आरबीआई से मिलेनिर्देश के बाद बैंक मंदी के दौर से उठने के लिए अपने हितग्राहियों से ही सर्विस चार्ज लेना शुरू कर दिया है। ऐसे में स्वयं की रकम में बेतहाशा सर्विस चार्ज कटने से हितग्राही भी परेशान हो गए हैं।
पत्रिका ने बुधवार को स्टेट बैंक, एचडीएफसी, देना बैंक समेत विभिन्न बैंको का जायजा लिया। देखा गया कि अधिकांश हितग्राही अपने खाते से राशि काटने की शिकायत लेकर पहुंचे थे। हितग्राही आलोक साहू, डोमन साहू ने बताया कि उन्होंने स्टेट बैंक में बचत खाता खुलवाया है, जिसमें अधिकतम 30 हजार रूपए जमा है। पिछले कुछ माह से एटीएम ट्रांजेक्शन, एसएमएस, चेक बुक समेत अन्य सुविधाओं के नाम से उसके खाते से प्रतिमाह से 5 से 7 सौ काटा जा रहा है। शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है।
क्या कहते हैं कर्मचारी
बैंकों में सर्विस चार्ज के नाम पर लूट मची हुई है। हितग्राहियों को अपने ही जमा राशि पर बैंक को टैक्स देना पड़ रहा है। केन्द्र सरकार की इस नीति से उनकी परेशानी बढ़ गई है।
कामता प्रसाद साहू,हितग्राही
बैंकों में सभी वर्ग के लोग लेन-देन करते हैं, लेकिन मिनिमम बैलेंस के नाम पर हितग्राहियों के खातों से मनमाना चार्ज लिया जा रहा है। एसएमएस के नाम भी सर्विस चार्ज ले रहे हैं, जिस पर रोक लगना चाहिए। रामलाल, हितग्राही
सर्विस चार्ज एक नजर में
बैंक सूत्रों की मानेंं तो एक माह मेंं संबंधित बैंक के एटीएम में चार बार ट्रांजेक्शन करने पर प्रति माह 20 रूपए, अन्य बैंक से ट्रांजेक्शन करने पर 25 से 30, एमएमएस चार्ज प्रति माह 15 से 20 रूपए, मिनिमम बैलेंस पर 50 से 70 रूपए की कटौती की जा रही है। इसके अलावा चेक बुक, डिमांड ड्राफ्ट समेत अन्य सुविधाओं के लिए अलग-अलग सर्विस चार्ज निर्धारित है।
केस-1
ग्राम पुरी के रूपेश कुमार (परिवर्तित नाम) ने ग्रामीण बैंक के अपने खाते में 1 लाख से अधिक की रकम जमा कराया था। एटीएम से लगातार 4 ट्रांसजेक्शन करने के बाद उसकी चार महीने मेंं करीब 3 हजार से अधिक राशि कट गई। बैंक प्रबंधन से शिकायत करने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई।
केस-2
कौशिल्या साहू (परिवर्तित नाम) ने बताया कि उसने सिंडीकेट बैंक में खाता खुलवाया है। डेबिट कार्ड और एसएमएस के नाम पर उसके खाते से हर माह 3 सौ रूपए कट रहा है। शिकायत पर संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
आरबीआई के नियमानुसार अलग-अलग बैंकों में सुविधाओं के नाम पर हितग्राहियों से सर्विस चार्ज लिया जा रहा है। सभी बैंकों की अपनी एक अलग पॉलिसी है। शिकायत पर कार्रवाई की जाएगी।
अमित रंजन, लीड बैंक अधिकारी