Online Fraud : साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं। अधिकांश ठगी छोटी-छोटी गलतियों के चलते हो रही है।
रायपुर. साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं। अधिकांश ठगी छोटी-छोटी गलतियों के चलते हो रही है। दूसरी ओर साइबर ठगों को पकड़ने का खर्च भी बढ़ गया है। एक ठग को दूसरे राज्य में जाकर पकड़ने में करीब 25 हजार रुपए खर्च हो रहे हैं। यह सामान्य स्थिति में है। अगर टीम को कुछ दिन रूकना पड़े और टीम में सदस्य बढ़ जाने पर खर्चा और बढ़ जाता है।
रिटायर्ड आईएएस अधिकारी बीपीएस नेताम ने मैक्स लाइफ इंश्योरेंस कंपनी में पॉलिसी से संबंधित शिकायत करने जिन अधिकारियों कॉल किया, वे साइबर ठग निकले। ठगों ने पॉलिसी की रकम ज्यादा दिलाने का झांसा देकर 20 लाख से अधिक राशि ऑनलाइन ही जमा करवा लिया। पीड़ित की आरोपी से केवल फोन पर ही बातचीत होती थी। किसी एजेंट या अधिकारी से मुलाकात भी नहीं हुई थी।
प्राइवेट कंपनी में फायनेंस ऑफिसर सतीश सरावगी को उनके बॉस की फोटो वाली डीपी लगाकर साइबर ठगों ने ठग लिया। उन्हें वाट्सऐप मैसेज करके दो बार में अलग-अलग बैंक खाते में 50 लाख रुपए से ज्यादा जमा करवा लिया। सतीश ने रकम जमा करने से पहले अपने बॉस से संपर्क नहीं किया। इसके चलते इतनी बड़ी ठगी के शिकार हो गए।